करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली जिले मे 7 जून से एनीमिया मुक्त राजस्थान कार्यक्रम के तहत अब बच्चों, किशोर-किशोरीयों, प्रजनन उम्र की महिलाओं, गर्भवती महिलाओं तथा धात्री माताओं में अनीमिया की दर कम करने के लिए प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को शक्ति दिवस के रूप आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के तहत प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्रों, राजकीय विद्यालयों, उपस्वास्थ्य केंद्रों एवं सभी राजकीय चिकित्सा संस्थानों पर शक्ति दिवस का आयोजन होगा।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिनेश चंद मीणा ने बताया कि कार्यक्रम के प्रभावी संचालन के लिए चिकित्सा विभाग ,महिला एवं बाल विकास विभाग एवम् शिक्षा विभाग के समन्वय से शक्ति दिवस के दिन एनीमिया को लेकर गतिविधियां आयोजित की जाएगी, जिसकी संपूर्ण मोनिटरिंग एवं क्रियान्वयन के लिए तीनों विभाग के मुखियाओं की जिम्मेदारी होगी। शक्ति दिवस का मुख्य उदे्श्य समुदाय व लाभार्थियों में अनीमिया नियंत्रण के लिए स्क्रीनिंग, हिमोग्लोबीन की जांच, उपचार तथा एनीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
आंगनबाड़ी में ऐसे मनेगा शक्ति दिवस।
आंगनबाड़ी केन्द्र में 6 माह से 59 माह तक के बच्चों, 5 से 9 वर्ष तक के स्कूल नहीं जाने वाले बच्चों, 10 से 19 वर्ष की स्कूल नहीं जाने वाली किशोरी बालिकाओं, 20 से 24 वर्ष की विवाहित महिलाओं, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं को आशा द्वारा मोबिलाईज कर शक्ति दिवस के दिन केन्द्र पर ले जाया जाएगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा महिलाओं एवम् बच्चों को थकान, भूख ना लगना, नाखूनों का सफेद होना, जीभ पर सफेद परत का होना जैसे कुछ सामान्य लक्षणों के आधार पर एएनएम के माध्यम से अनिमिया की जांच कराना सुनिश्चित करेंगी। साथ ही आवश्यकता होने पर स्वास्थ्य केन्द्रों पर रेफर करेंगी जिससे अनिमिया का तुरंत उपचार किया जा सके। शक्ति दिवस के दिन आंगनबाड़ी केन्द्रों पर स्थानीय स्तर पर उपलब्ध आयरन, विटामिन सी एवं पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थो का प्रदर्शन कर उनके लाभ के बारे में बताया जाएगा।
स्कूलों में प्रत्येक कक्षा में बनाए जाएंगे एनीमिया मुक्त मॉनिटर।
सभी स्कूलों की प्रत्येक कक्षा में एनिमिया मुक्त मॉनिटर बनाए जाएंगे जो एनीमिया रोग से बचाव के लिए प्रोत्साहित करेंगे। शक्ति दिवस पर कक्षा 1 से 5 तक के बालक-बालिकाओं को साप्ताहिक गुलाबी गोली खिलाई जाएगी। शिक्षकों द्वारा अनिमिया के लक्षणों के आधार पर बच्चों की स्क्रीनिंग की जाएगी। कक्षा 6 से 12 के सभी किशोर-किशोरीयों को साप्ताहिक आईएफए की नीली गोली खिलाई जाएगी। एएनएम द्वारा अपने क्षेत्र में स्थित प्रत्येक स्कूल का भ्रमण कर स्क्रीनिंग में पाए गए एनीमिक विद्यार्थियों की हिमोग्लोबिन की जांच की जाएगी तथा एनीमिक बच्चो की सूची अपने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी प्रभारी से साझा करेंगी। विद्यार्थियों के साथ प्रत्येक शक्ति दिवस पर एक घंटे का एनीमिया पर सत्र आयोजित किया जाएगा तथा एनीमिया रोग से बचाव के उपायों पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
उपस्वास्थ्य केन्द्र एवं चिकित्सा संस्थानों इस तरह मनाए मनाएंगे।
उपस्वास्थ्य केन्द्रों पर एएनएम द्वारा समस्त लक्षित लाभार्थियों की एनीमिया की स्क्रीनिंग करेंगी तथा एनीमिक पाए गए लोगों की लाइन लिस्ट तैयार कर चिकित्सा अधिकारी प्रभारी को देगी। साथ ही एनीमिक पाई गई महिलाओं/बच्चों का उपचार करा लगातार फॉलोअप करेंगी।जिले के सभी जिला चिकित्सालयों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, हैल्थ वेलनेस सेंटर पर नियमित ओपीडी के अलावा मरीजों के हिमोग्लोबीन की जांच और उपचार किया जाएगा। गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को आवश्यकता अनुसार आयरन की गोलियों का वितरण भी किया जाएगा।

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