जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री बजट घोषणा वित्तीय वर्ष 2022-23 के अनुसरण में सभी नगरीय निकायों में इन्दिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना का शुभारम्भ किया जाएगा। ये योजना प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में निवास करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुदृढ़ करने के लिए शुरू किया जा रहा है। हर साल 800 करोड़ रुपए इस योजना पर खर्च किया जाएगा। योजना के पोर्टल का लोकार्पण किया गया।

शहरी लोगों को 100 दिन का होगा उपलब्ध।
रोजगार शहरी क्षेत्र में निवास कर रहे परिवारों के सदस्य को जनाधार कार्ड आधार पर पंजीयन कर एक साल में 100 दिन का रोजगार स्थानीय निकाय के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाएगा। योजना के में पर्यावरण संरक्षण कार्य, जल संरक्षण कार्य, स्वच्छता और सेनिटेशन कार्य, सम्पत्ति विरूपण रोकने संबंधी कार्य, कंजर्वेशन कार्य, सेवा सबंधी कार्य, हेरिटेज संरक्षण, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना में आवास निर्माण जैसे कार्य शामिल किए गए हैं। योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए पोर्टल का लोकार्पण करते हुए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि योजना को पारदर्शी बनाया गया है. योजना संबंधित शिकायतों और सुझाव के लिए IRGY-Urban MIS Portal तैयार किया गया है। योजना में ऑनलाईन मस्टरोल जारी की जाएगी। श्रमिकों (कुशल, अकुशल एवं अर्द्धकुशल) को श्रम विभाग की अधिसूचित न्यूनतम मजदूरी का ऑनलाइन भुगतान बैंक खाते में प्रत्येक 15 दिवस में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों के लिए यह देश में पहली योजना है।

मजदूरी बढ़ाई जाएगी।
बीते दिनों शहरी बेरोजगारों को 100 दिन का रोजगार देने के लिए वित्त विभाग की ओर से तय किया गया। जिसमें मिनिमम वेजेस 259 रुपए से 333 रुपए तय किया गया है। जो बेरोजगारों को रास नहीं आ रहा। हालांकि इस पर यूडीएच मंत्री ने कहा कि ये शुरुआत है आगे मिनिमम वेजेस बढ़ाया भी जाएगा। इस योजना की आलोचना करने वाले चंद लोग हैं, जिन्होंने ये बात उठाई है। मजदूरी करने वालों को भी लगभग इतना ही पैसा मिलता है, उसमें भी उन्हें दूरदराज जाना पड़ता है। योजना के तहत घर के आसपास उसी वार्ड में काम दिया जाएगा।

श्रमिकों को सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
योजना से जुड़ने वाले श्रमिकों को सभी आवश्यक सुविधाएं, योजना कार्य स्थल पर पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा सुविधा, गर्मियों में छाया के लिए टेन्ट डिस्पले बोर्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे। इन्दिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए राज्य में राज्य स्तरीय, संभागवार, जिला स्तरीय, नगरीय निकाय स्तर पर समितिया गठित कर मॉनिटरिंग के लिए प्रकोष्ठ स्थापित किए गए हैं। उनमें विशेषज्ञ कार्मिकों सिविल अभियन्ताओं, लेखाकर्मियों, एमआईएस एक्सपर्ट और रोजगार सहायकों की नियुक्ति की गई है। इस योजना के बारे में यदि कोई शिकायत मिलेगी तो सम्बन्धित जिला कलेक्टर और सम्बन्धित नगर निकाय के आयुक्त/ अधिशाषी अधिकारी को व्यक्तिगत शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही राज्य सरकार के जन सम्पर्क पोर्टल या फिर इस योजना से सम्बन्धित IRGY-U MIS Portal पर शिकायत दर्ज करवाने का प्रावधान किया गया है।