पाली मनोज शर्मा।
पाली शहर सहित जिले भर में गर्मी बढने के साथ ही पेयजल संकट गहराता जा रहा है। स्थिति दिनों दिन विकट होने से आमजन के सब्र का बांध टूट रहा है और चारों ओर पेयजल के लिए त्राहि त्राहि मची हुई है। जिसके चलते जिला मुख्यालय पर शायद ही कोई दिन ऐसा निकल रहा है जिस दिन नागरिक पेयजल के लिए प्रदर्शन न कर रहे हों।
इन स्थितियों में शहर में पुलिस पहरे में पेयजल का वितरण करना पड रहा है। वर्तमान में जोधपुर से प्रतिदिन वाटर ट्रेन के माध्यम से 80 लाख लीटर पानी आने के बावजूद हालात बद से बदतर हैं तो मई और जून माह में क्या होगा इसका अंदाजा स्वतः लगाया जा सकता है।
पेयजलापूर्ति नहीं होने पर किया प्रदर्शन, पुलिस ने किया गिरफतार।
हालांकि जिला मुख्यालय पर जलदाय विभाग की ओर से चार दिन में एक बार पेयजलापूर्ति का दावा किया जा रहा है। जबकि हकीकत कुछ और है। शहर की दर्जनों कालोनियों में 7 से 8 दिन में पेयजलापूर्ति हो रही है और इसका भी समय निर्धारित नहीं है। जिससे नागरिक अत्यधिक परेशान हैं और आंदोलन को मजबूर है।औधोगिक थाना क्षेत्र में स्थित राजीव गांधी कालोनी में पेयजलापूर्ति नहीं होने के विरोध में किए गए प्रदर्शन के दौरान जलदाय विभाग एवं रूडिप के अधिकारियों से आक्रोशित नागरिकों द्वारा मारपीट तक की जा चुकी है। जिसके चलते मारपीट के तीन आरोपियों को पुलिस ने राजकार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में गिरफ्तार भी किया है। इसके बावजूद विभिन्न क्षेत्रों में धरना प्रदर्शन का दौर जारी है।
पाली शहर में सोमवार से 120 घंटे में होगी पेयजलापूर्ति।
जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीष माथुर ने बताया कि जवाई बांध एवं अन्य सतही जल स्त्रोतो में पानी नहीं होने के कारण अब पाली शहर में 96 घंटे में की जा रही पेयजलापूर्ति का समय बढाकर 120 घंटे कर दिया गया है। अब सोमवार से पाली शहर की जनता को 120 घंटे में पेयजलापूर्ति की जाएगी।
इसलिए गहराता है पेयजल संकट।
पेयजल संकट उत्पन्न होने के पीछे मुख्य कारण जवाई बांध का रीतना है क्योंकि पाली जिला पेयजल के लिए जवाई बांध पर ही निर्भर है। जवाई बांध से पाली तक पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन भी बिछाई गई है। ताकि पानी की छीजत नहीं हो। पर हालात उस वक्त बिगड जाते हैं जब राजनीतिक दबाव के चलते जवाई में आगामी मानसून तक का पानी नहीं होने पर भी सिंचाई के लिए पानी दे दिया जाता है। किसानों द्वारा सिंचाई के लिए जवाई बांध से पानी देने की मांग करने पर जलदाय विभाग द्वारा पानी की उपब्धता, छीजत एवं पेयजल की मांग के अनुरूप जितना पानी देने की स्वीकृति दी जाती है उससे ज्यादा पानी राजनीतिक दबाव में सिंचाई के लिए दे दिया जाता है। किसान संगठन जलदाय विभाग के आंकडों को न मानकर अपनी केलकुलेशन सामने रखकर आंदोलन का भय दिखाकर अधिक पानी ले लेते है जिसका दुष्परिणाम यह होता है कि गर्मी की शुरूआत में ही ये स्थितियां पैदा हो जाती हैं।
इसलिए बिगड़ती है व्यवस्थाएं।
जलदाय विभाग के अधिकारियों के अनुसार पानी की कमी के चलते ये स्थितियां उत्पन्न हो रही है। वहीं इन दिनों हो रही बिजली कटौती से स्थितियां और बिगड रही हैं। हालांकि जोधपुर से प्रतिदिन वाटर ट्रेन के माध्यम से 4 फेरों में 80 लाख लीटर पानी आ रहा है परन्तु किसी दिन ट्रेन के तीन फेरे ही हो पाते हैं और तो और वाटर ट्रेन के आने के बाद बिजली कटौती के चलते पानी की पपिंग और फिल्टरेशन का कार्य भी देरी से होता है। जिससे पेयजलापूर्ति में देरी हो जाती है। इसी के साथ पीएचईडी में एईएन का एक पद एवं जेईएन के दो पद वर्तमान में खाली हैं जिसके चलते पेयजलापूर्ति सहित अन्य कार्यों की मानिटरिंग नहीं हो पाती है।
पेयजल के लिए नागरिकों प्रतिदिन कर रहे प्रदर्शन।
समय पर पेयजलापूर्ति नहीं होने से गत दिनों रामदेव रोड, राजीव गांधी कालोनी, हाउसिंग बोर्ड, सर्वोदय नगर, रेलवे स्टेशन क्षेत्र के कृष्णा नगर, अंबेडकर नगर, रावत नगर, माया नगर, जगदंबा नगर, ओवरब्रिज क्षेत्र, आनंद नगर, सूर्या कालोनी, अमर इंद्रानगर, सोसायटी नगर, राजनगर, चिमनपुरा, बजरंग कालोनी, महालक्ष्मी नगर सहित दर्जनों कालोनियों के नागरिक किसी न किसी रूप में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करवा चुके है। कई स्थानों पर तो प्रदर्शन के दौरान स्थितियां संभालने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को कडी मशक्कत करनी पडी है। राजीव गांधी कालोनी में प्रदर्शन के दौरान जलदाय विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट के आरोप में तीन जनों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है।
एक ओर पानी के लिए त्राहि त्राहि दूसरी ओर पानी माफिया कूट रहे चांदी।
शहर में पेयजल के लिए हाहाकार मचा है वहीं दूसरी ओर यही पेयजल संकट पानी माफियाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। शहर में कई स्थानों पर अवैध कुएं हैं जहां से मुहमांगी दरों पर आमजन की परेशानी का नाजायज फायदा उठाकर पानी बेचा जा रहा है। हालांकि जिला प्रशासन ने हाल ही में 8 कुएं अधिकृत किए हैं जहां से निर्धारित दर पर ही पानी बेचा जा रहा है। इसके उपरांत भी कई आवासीय कालोनियों में संचालित अवैध कुओं पर पता नहीं क्यों कार्यवाही नहीं हो रही है। स्थिति यह है कि होली पर जो पानी का टैंकर ढाई सौ रूपए में मिल रहा था उसी पानी के टैंकर के इन दिनों 400 से 800 रूपए वसूले जा रहे हैं।
विधायक की पहल पर 10 दिन बाद मिला पानी।
हाउसिंग बोर्ड के सुभाष पार्क के निकट टेल क्षेत्र होने के कारण गत 10 दिनों से यहां पेयजलापूर्ति नहीं हो पाई थी। शनिवार सुबह स्थानीय पार्षद ओमप्रकाश स्वामी द्वारा विधायक ज्ञानचंद पारख को इस समस्या से अवगत करवाने पर विधायक ज्ञानचंद पारख के प्रयासो से भारतीय जनसेवा परिषद के संयोजक पंकज ओझा एवं ताराचंद स्वामी ने 15 हजार लीटर पानी का टैंकर इस क्षेत्र मे भिजवा कर पेयजल के लिए तरस रही जनता को राहत पहुंचाई।
एसडीएम ने नाडी एवं पारसी बेरेे से पेयजल उपलब्ध करवाने के दिए निर्देश।
पाली शहर स्थित मानपुरा भाकरी के कीरो की ढाणी स्थित नाडी व पारसी बेरे का निरीक्षण कर उपखण्ड अधिकारी ललित कुमार गोयल ने पीएचईडी अधिकारियों को पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। ताकि आमजन को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने नाडी का जायजा लेकर जलदाय विभाग के अधिकारियों को पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भिजवाने को कहा है। साथ ही मानपुरा स्थित बेरे की दीवार को मरम्मत व साफ-सफाई करवाने के निर्देश दिए तथा पेयजल के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है।
वार्ड 1, 2 एवं 3 में हालात अत्यंत विकट।
जलदाय विभाग द्वारा 4 दिन में पेयजलापूर्ति का दावा किया जा रहा है जबकि 6 से 7 दिन में एक बार पेयजलापूर्ति हो रही है। हाउसिंग बोर्ड के टेल क्षेत्र में गत सुभाष पार्क के निकट दस दिनों से पेयजलापूर्ति नहीं होने से आज विधायक के प्रयासों से भारतीय जनसेवा परिषद द्वारा इस क्षेत्र में पानी का टेंकर भेजा गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वाटर ट्रेन के प्रतिदिन चार फेरों के बावजूद पाली शहर की जनता को 7 से 10 दिनों में पानी उपलब्ध हो रहा है। हालात विकट हैं चारों ओर त्राहि त्राहि मची है और आमजन पानी के लिए सडकों पर उतरने के लिए मजबूर हो गया है। सरकार को वाटर ट्रेन के फेरे बढाकर पेयजल संकट से राहत दिलानी चाहिए। इधर कानसिंह राणावत, अधिशाषी अभियंता, जलदाय विभाग ने बताया कि आगामी तीन दिवस के अंदर मानपुरा भाकरी के कीरो की ढाणी स्थित नाडी व पारसी बेरे की साफ-सफाई करवाकर पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने पर उचित व्यवस्था करवाई जाएगी।

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