जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
रघुनाथ धाम के स्वामी सौरभ राघवेंद्र आचार्य महाराज ने बताया कि जेष्ठ मास 17 मई मंगलवार से आरंभ होगा जेष्ठ मास का समापन 14 जून मंगलवार को होगा। जेष्ठ के महीने में गर्मी का तापमान अधिक रहता है और इस महीने में ही नौ तपा भी आ जाता है तो गर्मी का तापमान में वृद्धि होती हैं। सूर्य ग्रह जब रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते है 15 दिन तक रोहिण नक्षत्र में रहते है। आरंभ के 9 दिन नोतपा चलाता है। 25 मई से नौतपा आरंभ होने जा रहा। रघुनाथ धाम के अधिकृत ज्योतिषाचार्य पंडित निलेश शास्त्री ने बताया कि इस बार जेष्ठ मास की कृष्ण पक्ष दशमी बुधवार दोपहर 14 :52 मिनट पर सूर्य रोहिणी नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेगा। जब से नौतपा आरंभ हो जायेगा। इस समय सूर्य ग्रह वृषभ राशि में बुध के साथ गोचर कर रहे होगे। रोहिणी नक्षत्र का स्वामी चंद्र ग्रह माना जाता है। जब सूर्य के साथ रोहिणी नक्षत्र का प्रवेश होता है तो गर्मी अधिक होती हे इस बार भी गर्मी अधिक रहेगी 

कब से कब तक रहेंगे सूर्य ग्रह रोहिणी नक्षत्र?
सूर्य ग्रह 25 मई मंगलवार से 8 जून मंगलवार तक रोहिणी नक्षत्र में रहेंगे। नौतपा 9 दिन तक चलता है। यह 25 मई से 2 जून मंगलवार तक रहेगा। जब तक गर्मी का तापमान अधिक रहेगा। नौतपा के आरंभ के समय गर्मी अधिक होगी। जेष्ठ मास होने के कारण गर्मी में अधिकता रहेगी। हल्की बारिश आने की भी संभावना बन रही है। नौतपा में गर्मी अधिक रहती है तो आने वाले वर्षा ऋतु में  वर्षा अच्छी होती है।

नौ तपा में ग्रहों की युति।
नौतपा आरंभ होने के पूर्व ही मेष राशि में राहु शुक्र ग्रह की युति और वृषभ राशि में सूर्य बुध ग्रह की युति मीन राशि में मंगल चंद्र बृहस्पति की युति रहेगी और कुंभ राशि में स्वग्रही शनि ग्रह और केतु ग्रह तुला राशि में गोचर करेगे राहु और शुक्र ग्रह की सप्तम दृष्टि केतु पर पूर्ण रहेगी। 26 मई मध्यरात्रि में चंद्र ग्रह का राशि परिवर्तन होगा मीन राशि में 3 ग्रहों की युति समाप्त हो जायेगी। इस समय लू, हैजा आदि रोगों की संभावना अधिक बन जाती है। स्वामी सौरभ राघवेंद्र आचार्य महाराज ने बताया कि नौतपा के आरंभ से अंत तक कई जयंती उत्सव भी मनाए जायेगे। इस समय घर से बाहर नही निकले पशु पक्षियों के लिए अन्न जल की व्यवस्था करनी चाहिए सभी जीवो के लिए जल सेवा करनी चाहिए।

यह रहेंगे उत्सव।
26 मई को अपरा एकादशी व्रत
27 मई को मधुसूदन द्वादशी प्रदोष व्रत
29 मई को बड़ पूजन अमावस्या
30 मई को सोमवती अमावस्या
2जून महाराणा प्रताप जयंती 
आदि पर्व उत्सव मनाया जायेगा

जेष्ठ के महीने के आरंभ होने के साथ ही मंदिरो में ठाकुर जी को कपूर चंदन का लेपन आरंभ कर दिया जाता जिससे भगवान को शीतला मिलती रहे।