झालावाड़-हरिमोहन चोडॉवत।
झालावाड़ जिले में इन दिनों विवाह आयोजनों की धूम है। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा कई मीटिंग के दौर कर बाल विवाह पर प्रभावी रोक लगाने के सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को उनके क्षेत्र में मॉनिटरिंग भी करनी थी। लेकिन राज-काज न्यूज को एक ऐसा वीडियो हाथ लगा है, जिसमें बिलखते हुए नन्हे बच्चों को उनके परिजन जबरदस्ती पकड़कर फेरे करवाते नजर आ रहे हैं। यह वीडियो 28 अप्रैल का बताया जा रहा है। जब मनोहरथाना क्षेत्र के रवासिया ग्राम पंचायत के सालियाखेड़ा में गुर्जर समाज द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया गया था। जिसमें आए एक नाबालिग जोड़े का भी सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह कराया जा रहा। हालांकि राज-काज न्यूज इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता। लेकिन संबंधित प्रकरण में मनोहर थाना उपखंड अधिकारी द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज कराए जाने की बात कही। और जाना इस वीडियो की सत्यता की ओर इशारा कर रहा है। बहरहाल सावो की धूम के दौरान बाल विवाह रोकने हेतु प्रशासनिक मॉनिटरिंग कि यहां पोल खुलती नजर आ रही। जानकारी तो यह भी आ रही थी इस विवाह समारोह में करीब एक दर्जन नाबालिक जोड़े शामिल थे। ऐसे में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगना प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर सवाल खड़े कर रहा है। उधर पूरे मामले में झालावाड़ जिला कलेक्टर भारती दीक्षित ने कहा कि इस संबंध में सूचना मिली है। वीडियो में बच्चों के बाल विवाह होता दिख रहा है। संबंधित मामले में मनोहरथाना उपखंड अधिकारी द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन की आयोजक समिति के खिलाफ एफ आई आर दर्ज की गई है। पुलिस इस मामले का अनुसंधान कर रही है, कि यह वीडियो उसी विवाह सम्मेलन का है अथवा कहीं अन्य जगह का वायरल हो रहा। यदि वीडियो में प्रमाणिकता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। झालावाड़ जिला कलेक्टर भारती दीक्षित ने बाल विवाह को सामाजिक कुरीति बताते हुए इसके अशिक्षा को कारण बताया और आमजन से अपील की है, कि कम उम्र में बच्चों का विवाह ना करें। इससे बच्चों का शारीरिक व सामाजिक विकास भी प्रभावित होता है। ऐसे में यदि नाबालिग जोड़ों के बाल विवाह की सूचनाएं मिलती है, तो कोई भी व्यक्ति प्रशासन तथा पुलिस को सूचित कर सकता है।

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