जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने अपना बयान जारी कर कहा कि 14 मई को राजधानी जयपुर स्थित दिवाकर पब्लिक स्कूल में राजस्थान पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने की घटना प्रदेश को शर्मसार करने वाली है तथा गहलोत सरकार के परीक्षा तंत्र पर सवालिया निशान है। पटवारी, JEN, एसआई व रीट परीक्षा में व्यापक धांधली व पेपर लीक होने के बाद अब राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर लीक होने की घटना से साफ उजागर होता है कि नकल माफियाओं ने सरकार में अपनी जड़ें इतनी गहरी जमा ली हैं कि कोई भी परीक्षा निष्पक्षता व पारदर्शिता के साथ संपन्न होना संभव ही नहीं है। राठौड़ ने कहा कि रीट भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने से सबक लिए बिना ही सरकार ने राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2022 का आयोजन करवाया। इस परीक्षा से पूर्व ही सोशल मीडिया पर कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा का पेपर वायरल हो गया। प्रश्न यह है कि प्रशासन ने किन मापदंडों पर निजी संस्था को भर्ती परीक्षाओं का केंद्र बनाया जहां के स्ट्रांग रूम से पेपर लीक हुआ। कांस्टेबल परीक्षा का पेपर लीक होना प्रशासनिक गठजोड़ के बिना संभव नहीं है तथा इस बात को भी नकारा नहीं जा सकता कि पेपर लीक के तार ऊंचे ओहदों पर बैठे लोगों से जुड़े हो सकते हैं। राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार इतनी वीक हो गई है कि राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं का पेपर लीक होना अब परंपरा बन गया है। सरकार कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में कड़े नियमों का दावा करती रही लेकिन हर बार की तरह राजस्थान पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2022 में भी कांग्रेस सरकार की कहानी 'ढाक के तीन पात' की तरह ही निकली।राठौड़ ने कहा कि कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर लीक होना गहलोत सरकार की प्रशासनिक अक्षमता, लचरता और कुप्रबंधन का परिणाम है। प्रदेश में पेपर माफियाओं ने अपने पैर पसार लिए हैं। सत्ता के गठजोड़ से यह माफिया सरकार के नियम और कानूनों को धता बताते हुए दिनों-दिन ताकतवर होते जा रहे हैं जिस कारण से भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक की पुनरावृत्ति हो रही है।राठौड़ ने कहा कि पेपर लीक होना उन लाखों बेरोजगार युवाओं और अभ्यर्थियों के जीवन के साथ खिलवाड़ है,जो दिन-रात कड़ी मेहनत कर अपने घर,गांव व शहरों से दूर रहकर सालों-साल भर्ती परीक्षाओं की तैयारियां करते हैं और जब परीक्षाओं में सम्मिलित होते हैं तो बेखौफ पेपर माफिया गिरोह इनके सपनों को चकनाचूर कर देते हैं। राठौड़ ने कहा कि रीट पेपर लीक प्रकरण में युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस सरकार सदन में राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) विधेयक-2022 लेकर आई थी जिसमें खोखला दावा किया गया था कि पेपर लीक होने पर माफियाओं के खिलाफ सजा के सख्त प्रावधान किये जायेंगे। दुर्भाग्य है कि इसके बाद भी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का लीक हुआ है जो सरकार के माथे पर कलंक है।

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