उदयपुर-भगवान प्रजापत।
कांग्रेस के चिंतन शिविर से पहले राजस्थान में कांग्रेस एक बार फिर से एकजुटता दिखाने की तैयारी में हैं। कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के चलते चुनावों में लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में केवल दो प्रदेशों में ही कांग्रेस की पूर्ण बहुमत वाली सरकार है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के आला कमान ने गहलोत को बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है और उस जिम्मेदारी का सही तरह से निर्वहन हो इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उदयपुर पहुंचकर चिंतन शिविर की तैयारियों का जायजा लिया। चिंतन शिविर से पहले जयपुर में कांग्रेस महंगाई के खिलाफ महारैली भी कर चुकी है। इसमें भी सोनिया व प्रियंका गांधी शामिल हुई थीं।
मुख्यमंत्री गहलोत ने देखे होटल के कमरे, व्यवस्थाओं के बारे में की चर्चा।
कांग्रेस के चिंतन शिविर की तैयारियों को लेकर गहलोत पूरी तरह से गंभीर नजर आए, उन्होंने होटलों के सभी कमरों को देखने के साथ ही यहां पर की जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गहलोत के साथ अजय माकन और वेणुगोपाल भी साथ रहे। उदयपुर में पहली बार किसी राजनीतिक पार्टी इतना बड़ा आयोजन होने जा रहा है। जिसमें तमाम बड़े नेताओं का जमावड़ा रहेगा। इधर गहलोत ने सभी नेताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी। इसके अलावा गहलोत ने संभाग के सभी विधायकों, विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियो, सांसद का चुनाव लड़ने वाली प्रत्याशियों और डीसीसी अध्यक्षों के साथ चर्चा की।
अरावली ताज में होगा शिविर, सोनिया प्रियंका भी ठहरेगें ताज में।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिविर की तैयारियों का जायजा लेने के बाद यह तय किया कि अरावली ताज में तीन दिन चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी व प्रियंका गांधी यही पर ठहरने वाले है। इनके अलावा सभी नेताओं के ठहरने के लिए अनंता रिसोर्ट और लेमन ट्री में कमरे बुक किए गए है।
मुख्यमंत्री गहलोत ने सर्किट हाउस में की जनसुनवाई।
गहलोत ने चिंतन शिविर की तैयारियों के बारे में चर्चा करने के बाद गुरूवार सुबह सर्किट हाउस में जनसुनवाई की। इस दौरान लोगों ने मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याओं को रखा। गहलोत ने यहां पर अधिकारियों को निर्देशित किया कि संबधित विभाग लोगों की समस्याओं को तुरंत निदान करें। उन्होंने कहा कि आम जनता को पूरा हक है कि उनकी समस्याओं का निस्तारण समय पर और सही ढ़ग से हो।
सर्किट हाउस में मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद।
सर्किट हाउस में जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री गहलोत के साथ संभाग भर के मंत्री और विधायकों के साथ कांग्रेस के बड़े नेता भी मौजूद रहे। इसके अलावा जिला प्रशासन से जुड़े सभी अधिकारियों को जमावड़ा रहा।

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