करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
करौली के हिण्डौन सिटी मे 4 वर्षीय बालिका से हैवानियत करने वाले युवक को पुलिस ने घटना के 36 घण्टे बाद ही गिरफ्तार कर लिया है।गिरफ्तार किया गया युवक हिण्डौन के बरेडी का पुरा का निवासी 34 वर्षीय अजीत योगी उर्फ लांगुरिया है। वह पूर्व में भी एक 65 वर्षीय महिला से भी रेप का आरोपित रह चुका है। वह एक अन्य मामले में दुष्कर्म के प्रयास का भी आरोपित है। पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह इंदौलिया ने बताया कि एक दिन पहले शनिवार को 4 वर्षीय बालिका से हैवानियत होने का मामला सामने आया था। इस मामले को पुलिस ने काफी गंभीरता से लिया। डीएसपी किशोरी लाल और महिला प्रकोष्ठ के एएसपी के किशोर बिटोलिया के निर्देशन में पुलिस दल ने सघनता से दरिंदे को तलाश किया। 5 थानों की पुलिस टीम ने मिलकर कई स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने इस चर्चित प्रकरण में दूसरे दिन ही रविवार को सफलता अर्जित करते हुए दरिंदे को ढूंढ निकाला और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बरेडी का पुरा निवासी युवक अजीत योगी उर्फ लांगुरिया को बालिका से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उसने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बताया कि उक्त दरिंदा अपराध कारित करने के बाद लोक परिवहन बस में बैठकर जयपुर चला गया था। इसके अलावा उसने टॉफी का लालच देकर बच्ची को बुलाया था। उस वक्त दरिंदा शराब के नशे में धुत था।

पुलिस लापरवाही की जांच करेंगे डीएसपी।
पुलिस अधीक्षक इन्दौलिया ने बताया कि इस प्रकरण में पीड़ित परिवार के साथ किसी भी प्रकार की कोई पुलिस लापरवाही रही है तो उसकी जांच की जाएगी। इसके लिए डीएसपी किशोरी लाल को जांच अधिकारी बनाया गया है।

हैवानियत का शिकार बना कचरे पर छोड गया था दरिंदा।
 गौरतलब है कि उपखंड मुख्यालय पर चार साल की बच्ची से शनिवार को हैवानियत का मामला सामने आया था। अपने परिवार के साथ सो रही बच्ची को रात एक बजे दरिंदा उठा ले गया और उसे बुरी तरह हैवानियत का शिकार बनाया। शनिवार को सुबह 5 बजे बच्ची रेल पटरियों के पास कचरे के ढेर पर मिली। परिजन लहुलुहान और बेहोशी की अवस्था में उसे पहले थाने ले गए। बाद में पुलिस के कहने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां से डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर मानते हुए जयपुर रेफर कर दिया था। 

दर्द से कराह रही बच्ची ने बताई थी पुलिस को पीड़ा।
मैं रात को मम्मी और पापा के साथ सो रही थी। मुझे रात को एक लडका उठा ले गया। वह पैदल-पैदल हमारे डेरे से दूर ले गया। वहां मेरे कपडे उतार दिए और गलत काम किया। मेरे सीने पर नाखून गढा दिए और मुझे काट लिया। मैं दर्द से रोती रही, लेकिन उसने मुझे नहीं छोडा। मुझे डंडे से भी पीटा और जमीन पर पटक दिया। मेरी पीठ छिल गई और कई जख्म हो गए। काफी देर तक मेरे को वह लडका नोंचता और दांतों से काटता रहा। काफी देर बाद उस लडके ने मुझे कपडे पहनाए और पटरियों के पास कचरे में पटककर चला गया। (यह बात बच्ची ने कराहते हुए पुलिस को बताई थी)