भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
पुलिस ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में प्रथम पारी की परीक्षा से पहले पेपर उपलब्ध कराने का झांसा देकर 2 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। गिरोह करीब दो दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों के संपर्क में था। लेकिन पेपर उपलब्ध नहीं करा पाने के कारण गिरोह के पांचों बदमाश फंस गए। पुलिस ने पांचों बदमाशों को गिरफ्तार किया है।जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह के अनुसार 16 मई को डीएसटी टीम की सूचना पर थाना मथुरागेट की ओर से एक गाडी एसेंट कार को रुकवाकर जांच पड़ताल की गई। इसमें गोविन्द सिंह गुर्जर निवासी सोनोटी थाना उच्चैन, शुभम सिंह जाट निवासी कुरका थाना उच्चैन, रवि जाट निवासी कुरका थाना उच्चैन, देवेन्द्र सिह निवासी कुंदेर थाना उच्चैन, राजासिंह साल निवासी सोनोठी थाना उच्चैन को हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर बात सामने आई कि शकील, देवेन्द्र, लालसिंह और हेमन्त की ओर से गिरोह बनाकर परीक्षार्थियों को झूठे प्रलोभन देकर परीक्षा से पूर्व पेपर उपलब्ध कराने की धोखाधड़ी कर पैसे ऐंठने का काम किया जा रहा है।परीक्षार्थी शुभम की ओर से पुलिस भर्ती परीक्षा 2022 की 13 मई का प्रथम पारी का पेपर प्राप्त करने के लिए शकील गद्दी निवासी कुन्देर को दो लाख रुपए दिए, लेकिन शकील की ओर से किए गए वादे अनुसार परीक्षा से पूर्व पेपर उपलब्ध नहीं कराने पर शुभम ने दुबारा शकील से संपर्क किया तो शकील ने कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2022 के फर्जी पेपर भेजकर अन्य लोगों को बेचकर पैसे कमाने का कहा, लेकिन सही पेपर नहीं होने के कारण पैसे नहीं मिले। इस पर शकील, लालसिंह, हेमंत, देवेन्द्र, शुभम, राजा, रवि, गोविन्द और हेमन्त की ओर से परीक्षा से पूर्व परीक्षार्थियों के साथ धोखाधड़ी कर रुपए कमाने के आशय से फर्जी पेपर उपलब्ध कराए गए। हिरासत में लिए गए आरोपियों के मोबाइल में इससे संबंधित पेपर के नमूने और हेलोचैट मिलने से आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आरोपी देवेन्द्र, शुभम, राजा, रवि व गोविन्द से अनुसंधान किया जा रहा है।