जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने 2018 और 21 में हुई आरएएस परीक्षा में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा है कि इसमें 35 से 40 फीसदी चयन भ्रष्टाचार और राजनीतिक दबाव में किया गया है। मीडिया से मुताबिक होते हुए किरोड़ी ने आरटीआई के तहत इस परीक्षा की कॉपियां व अन्य दस्तावेज भी साक्ष्य के रूप में मीडिया के समक्ष रखे और सरकार से इस मामले की सीबीआई जांच करवाने की मांग भी की। सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि वे इस संबंध में जल्द ही एसओजी या पुलिस में मामला भी दर्ज कराएंगे और यदि न्याय न मिला तो कोर्ट की शरण भी ली जाएगी। किरोड़ी ने आरोप लगाया कि एक परिचित अभ्यर्थी को आरएएस परीक्षा के इंटरव्यू से पहले 30 लाख रुपये लेकर परीक्षा में 82 अंक दिए जाने का आश्वासन दिया। जब मुझे यह बात पता चली तो मैंने आरपीएससी के तत्कालीन चेयरमैन को इसकी जानकारी दी। लेकिन उन्होंने ऐसी किसी भी संभावनाओं से साफ तौर पर इनकार कर दिया। लेकिन जब उस अभ्यर्थी का परीक्षा परिणाम सामने आया तो उसके 82 अंक ही थे। सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने सूचना के अधिकार के तहत आयोग से ली गई परीक्षार्थियों की कुछ कॉपियां भी मीडिया के समक्ष रखी। उसमें जिस प्रश्न के समान उत्तर पर एक अभ्यर्थी को 0 अंक मिले तो दूसरे व्यक्ति को उसमें उसी उत्तर के अंक दिए गए। ऐसे कई प्रकरण मीणा ने मीडिया के समक्ष रखे। मीणा ने वो कॉपिया भी दिखाई जिसमें एन ए यानी नॉट अटेंड लिखा था, लेकिन उत्तर भरे हुए थे जो परीक्षा में हुई धांधली की संभावनाओं को दर्शाता है। मीडिया से मुताबिक होते हुए सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने आरपीएससी के तत्कालीन कार्यवाहक चेयरमैन डॉक्टर शिव सिंह राठौड़ पर भी आरोपों की झड़ी लगाई। मीणा ने कहा कि पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के दबाव में आयोग के चेयरमैन भूपेंद्र यादव को जबरदस्ती पहले छुट्टियों पर भेजा गया। इसके बाद कॉपियां जांचने आदि के लिए को-ऑर्डिनेटर के रूप में डोटासरा के पड़ोसी गांव के शिव दयाल सिंह शेखावत की नियुक्ति कर दी गई।मीणा ने कहा कि शेखावत की नियुक्ति कुलपति आरपी सिंह ने की। जबकि आरपी सिंह खुद एसीबी की पकड़ में आ चुके हैं। किरोडी ने आरोप लगाया कि कार्यवाहक आरपीएससी चेयरमैन शिव सिंह राठौड़ पद मिलने के बाद कांग्रेस नेता धर्मेंद्र राठौड़ के घर भी गए और उनके व उनके बेटे के साथ फोटो खिंचवा कर सोशल मीडिया पर भी डाले। मीणा ने आरोप लगाया कि राठौड़ ने 18 दिसंबर 2021 को ग्लोबल जिओ पार्क से जुड़ा एक ट्वीट भी किया, जिसका सवाल आरएएस परीक्षा में बाद में पूछा भी गया। मतलब 10 अंक का फायदा तो सीधे तौर पर उन्होंने ऐसे ही करवा दिया। किरोडी ने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा में धांधली के चलते अकेले कलाम इंस्टिट्यूट से 70 लोगों का चयन हो गया। वहीं, 300 में से 200 रैंक के अभ्यर्थी जयपुर के 7 इंस्टिट्यूट सेंटर से ही सिलेक्ट हुए। सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने प्रेस वार्ता में कहा में जल्द ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके परिजनों की संपत्तियों को लेकर एक बड़ा खुलासा करूंगा। मेरे पास एक ऐसा 'वेक्यूम बम' है जो फूटेगा तो मुख्यमंत्री और उनके परिजनों की संपत्ति और जायदाद का एक बड़ा खुलासा होगा।

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