टेस्ला CEO एलन मस्क अब ट्विटर के नए मालिक बन गए हैं। एलन मस्क की खरीदी इस सोशल मीडिया साइट के CEO पराग अग्रवाल अजमेर के रहने वाले है। इससे 15 दिन पहले पराग ने ट्विटर पोस्ट शेयर कर बताया था कि एलन ट्विटर के बोर्ड में शामिल नहीं होंगे।
गौरतलब है कि वर्तमान में ट्विटर के सीईओ पराग अग्रवाल राजस्थान के अजमेर में जन्मे हैं। ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डोर्सी ने इस्तीफे के बाद कंपनी ने पराग अग्रवाल को 6 महीने पहले ही अपना नया सीईओ बनाया था। पराग के माता-पिता और दादा-दादी अजमेर में किराए के मकान में धानमंडी और खजाना गली में रहते थे। पराग के पिता की जॉब के चलते वे बाद में मुंबई शिफ्ट हुए और वहीं रहने लगे। पराग और उनका परिवार मूलत: राजस्थान का ही रहने वाला है।ट्विटर का सीईओ बनने से पहले पराग अग्रवाल ट्विटर में ही सीटीओ यानी चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर थे। पराग अग्रवाल को अक्टूबर 2017 में ही ट्विटर का सीटीओ बना दिया था, लेकिन इसकी अधिकारिक घोषणा 2018 में हुई। जब वह स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे, उस दौरान उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, याहू और एटीएंडटी जैसी दिग्गज कंपनियों में इंटर्नशिप भी की थी। पराग अग्रवाल ने IIT मुंबई से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में डॉक्टरेट किया है।
15 दिन पहले ट्विटर पर पोस्ट शेयर किया
ट्विटर CEO पराग अग्रवाल ने 15 दिन पहले 11 अप्रैल को अपने ट्वीट के साथ एक नोट शेयर किया है। इस नोट में उनका कहना था कि एलन मस्क ने ट्विटर बोर्ड को जॉइन नहीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने लिखा था कि 'यहां मैं आपसे वह बातें शेयर कर रहा हूं। बोर्ड और मैंने एलन मस्क के बोर्ड में शामिल होने को लेकर कई डिस्कशन किए, खुद एलन से भी सीधे बातचीत हुई है। हम एलन के साथ काम करने को लेकर उत्साहित थे और रिस्क को लेकर भी क्लियर थे।
उन्होंने लिखा था कि- हम कंपनी में एलन को एक जिम्मेदार व्यक्ति के तौर पर शामिल करना चाहते थे। जहां वह दूसरे बोर्ड मेंबर्स के साथ मिलकर कंपनी और हमारे शेयर होल्डर्स के बेस्ट इंटरेस्ट में काम करते। बोर्ड ने उन्हें जगह भी ऑफर की थी। हमने मंगलवार को एलान किया था कि एलन बोर्ड को जॉइन करेंगे। बोर्ड में ऑफिशियल एलन मस्क का अपॉइंटमेंट 9 अप्रैल को होना था, लेकिन एलन ने उसी सुबह बताया कि वह बोर्ड जॉइन नहीं कर सकते हैं।
मुझे उम्मीद है कि उन्होंने यह फैसला बेहतर के लिए लिया होगा। हम हमेशा से और हमेशा अपने शेयरहोल्डर्स के इनपुट को महत्व देते हैं, चाहें वह हमारे बोर्ड में हों या नहीं। एलन मस्क हमारे सबसे बड़े शेयर होल्डर हैं और हम उनके इनपुट के लिए हमेशा ओपन रहेंगे। हमारे गोल और प्रायोरिटीज में कोई बदलाव नहीं होगा। हम क्या फैसला लेते हैं और उसे कैसे लागू करते हैं यह हमारे कंट्रोल में रहेगा किसी और के नहीं। लास्ट में उन्होंने कहा कि चलिए इन सभी बातों को भुलाकर अब हम अपने काम पर फोकस करते हैं।
अजमेर में किराए के कमरे में रहता था पराग का परिवार
पराग का जन्म अजमेर के जवाहरलाल नेहरू अस्पताल(JLN) में हुआ था। उनके माता-पिता अभी अमेरिका में रहते हैं। सीईओ बनने से पहले पराग अग्रवाल ट्विटर में सीटीओ यानी चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर के पद पर थे। पराग अग्रवाल को अक्टूबर 2017 में ही ट्विटर का सीटीओ बना दिया था, लेकिन इसकी अधिकारिक घोषणा 2018 में हुई। जब वह स्टैंडफोर्ड यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे थे, उस दौरान उन्होंने माइक्रोसॉफ्ट, याहू और एटीएंडटी जैसी दिग्गज कंपनियों में इंटर्नशिप भी की थी। पराग अग्रवाल ने IIT मुंबई से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है। इसके अलावा उन्होंने स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर साइंस में डॉक्टरेट किया है।
मुनीम का काम करते थे दादाजी
अजमेर में उनके मकान मालिक व पड़ोसियों के मुताबिक पराग के दादाजी मुनीम का काम करते थे। उनके परिवार ने बहुत संघर्ष किया। पराग के पिता उनके दादा-दादी के साथ कई सालों तक किराए के मकान में रहे।




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