नसीराबाद सिटी थाना प्रभारी भंवरसिंह गौड़ द्वारा इलाके में शराब की दुकान से पन्द्रह हजार रुपए मंथली की डिमांड किए जाने का मामला सामने आया है। दुकानदार ने परेशान होकर एसीबी काे शिकायत दी थी। एसीबी ने शिकायत के सत्यापन के लिए मय रिकार्डर परिवादी काे थाना प्रभारी के पास भेजा था, लेकिन थाना प्रभारी गौड़ काे एसीबी कार्रवाई की भनक लग गई, उसने परिवादी को थाने में बैठा लिया और बाद में शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद थाना प्रभारी थाने से निकल गए। परिवादी का आरोप है कि थाना प्रभारी ने रिकॉर्डर छीन लिया। एसीबी उपअधीक्षक पारसमल ने बताया कि देर रात एसीबी ने थाना प्रभारी व कॉन्स्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
बातचीत के दौरान थाना प्रभारी काे शक हुआ तो रिकार्डर छीना
नसीराबाद सिटी थाना क्षेत्र में शराब की दुकान के लाइसेंसधारी कमलेश मेहरा ने एसीबी काे शिकायत दी थी कि थाना प्रभारी भंवरसिंह दौरान उससे हर महीने 15 हजार बतौर मंथली की डिमांड कर रहे हैं, जबकि वह इतनी बड़ी राशि नहीं दे सकता। रुपए नहीं देने पर किसी भी बहाने से पुलिस उसे परेशान कर रही है। डीआईजी समीर सिंह के निर्देश पर एसीबी टीम ने शिकायत के सत्यापन की कार्रवाई शुरू की थी।
इसके तहत बुधवार काे परिवादी मेहरा काे वोइस रिकार्डर देकर थाना प्रभारी भंवरसिंह से मिलने और सत्यापन के लिए भेजा गया। मेहरा की बातचीत से थाना प्रभारी भंवरसिंह काे शक हाे गया और उसने तलाशी लेकर मेहरा से रिकार्डर छीन लिया और उसे हवालात में बंद करने की धमकी देकर थाने में बैठा लिया। पुलिस ने परिवादी मेहरा के खिलाफ धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर लिया। बाद में एसडीएम के आदेश से मेहरा काे जमानत पर रिहा किया गया।
एसीबी ने सीआई के खिलाफ दर्ज कराई एफआईआर
एसीबी डीआईजी समीर सिंह ने बताया कि ब्यूरो की ओर से थाना प्रभारी भंवर सिंह व व कॉन्स्टेबल गजानंद के खिलाफ राजकार्य में बाधा और सरकारी उपकरण रिकॉर्डर गायब करने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई है। एसीबी के मुताबिक वॉयस रिकॉर्डर लेकर भेजने की प्रक्रिया राजकार्य की श्रेणी में आती है।
थाने से निकल गए सीआई भंवरसिंह
पीड़ित को शांति भंग में गिरफ्तार करने के बाद सीआई भंवरसिंह थाने से निकल गए और एसीबी टीम पूछताछ के लिए थाने में ही इंतजार करती रही। लेकिन वे वापस नहीं आए। उनका पता भी नहीं चल पाया। एसीबी मामले की जांच में जुटी है।





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