करौली।
करौली जिले में हिंदू नव वर्ष के तहत निकाली जा रही बाइक रैली के दौरान दो पक्षों में हुए आपसी तनाव के बाद शहर के फूटाकोट इलाके मे आगजनी की घटना में एक ऐसी तस्वीर सामने निकल कर आई है। जिसमें एक पुलिस का जवान अपनी जान की परवाह किए बिगैर आग की लपटों के बीच एक बच्ची को जलती हुई आग से बचाकर बाहर निकलता हुआ नजर आ रहा है। जिसका नाम है नेत्रेश शर्मा। घटना की तस्वीर सामने आने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों सहित करौली एसपी शैलेंद्र सिंह और जिला कलेक्टर राजेन्द्र सिंह शेखावत ने भी पुलिस जवान की पीठ थपथपाई है। दरअसल करौली जिला हेड क्वार्टर पर शनिवार को हुए उप्रदव ओर आगजनी के दौरान फूटाकोट चौराहे पर दुकान के साथ मकान में भी आग लगा दी गई। जिससे मकान धू धू कर जलने लगा उसमे मासूम बच्चे के साथ दो महिला फंसी हुई थी। जिन्होंने जीने की उम्मीद खो दी थी। लेकिन करौली कोतवाली के कांस्टेबल नेत्रेष शर्मा देवदूत बनकर के चारो की जिंदगी बचाई। नेत्रेष शर्मा ने बताया की वह सिगंमा गाड़ी में गस्त पर था। दोपहर 3 बजे रैली रवाना होकर हटवारा बाज़ार पहुंची। इस दौरान हुई हिसा में दुकानों में आग लगा थी। कई लोगो सर फूटे हुए थे। वहां स्थित एक मकान में बच्चे के साथ महिला फंसी हुई थी।
मैंने वहां पहुंचकर अपनी जिंदगी से ज्यादा कीमती उस बच्चे की जिंदगी को समझा ओर तुंरत आग में होते हुए बच्चे के पास पहुंचा ओर उस पर कपड़ा डालकर महिला सहित बाहर निकालकर लाया। बदहाल पुलिस के जवान नेत्रेश शर्मा ने अपनी काबिलियत को देखते हुए निडरता से बच्ची को बचाकर करौली पुलिस का सीना चौड़ा कर दिया है। जिसको लेकर करौली एसपी सहित पुलिस के आला अधिकारियों ने कांस्टेबल की पीठ को थपथपाकर उज्जवल भविष्य की कामना भी की है।
सीएम गहलोत ने फोन पर बात कर दी शाबाशी की पदोन्नति।
जैसी ही सीएम अशोक गहलोत को कांस्टेबल नेत्रेश शर्मा की काबिलियत का पता चला। वैसे ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांस्टेबल से फोन पर बात कर कांस्टेबल को शाबाशी दी है। सीएम गहलोत ने ट्विट कर लिखा है कि कांस्टेबल नेत्रेश शर्मा से फोन पर बात की है। कांस्टेबल ने अपना कर्तव्य निभाते हुए 4 लोगों की जान बचाई है। नेत्रेश को हेड कांस्टेबल के पद पर पदोन्नत करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि कांस्टेबल ने अपनी जान की परवाह ना कर कर्तव्य निभाकर प्रशंसनीय कार्य किया है।

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