करौली।
करौली शहर मे नव संवत्सर के उपलक्ष्य में हिंदू समाज करौली के तत्वधान में करौली शहर की सड़कों पर शनिवार को निकाली जा रही बाइक रैली के बाद दो पक्षों में हुए तनाव के बाद हुई आगजनी की घटना के बाद शांति स्थापित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से कर्फ्यू के आदेश जारी कर दिए गए थे। जिसके बाद कर्फ्यू के तीसरे दिन सोमवार को करौली की सड़कें वीरान नजर आई।  इसके अलावा करौली में नोटबंदी होने की वजह से भी आम जन को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसी बीच जिला कलेक्टर ने कर्फ्यू 7 अप्रैल तक बढ़ाने के आदेश दे दिए हैं। 
 रविवार को जिला प्रशासन की हुई बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार सरकारी कार्यालयों में कार्मिकों को आने जाने के लिए कार्मिकों को अपना आई कार्ड दिखाकर जाने की छुट दी गई। जिसके बाद कार्मिकों तो कार्यालय में जाते हुए नजर आए वहीं दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर बोर्ड के परीक्षार्थियों को भी अपना प्रवेश पत्र दिखाने के बाद परीक्षा केंद्रों में पुलिस प्रशासन द्वारा जाने की अनुमति दी गई। जिला कलेक्टर राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि करौली में शांति स्थापित करने के लिए शहर के प्रबुद्ध जनों के साथ लगातार बैठके आयोजित की जा रही हैं। लोगों से शांति की भी अपील की जा रही है। शहर में कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से निपट रही है। आमजन को दूध और दैनिक चीजों की सप्लाई के लिए जिला रसद अधिकारी के नेतृत्व में सुबह 8:00 बजे से 10:00 बजे तक डोर टू डोर आमजन को रसद सामग्री उपलब्ध कराई गई है। एसआईटी का गठन कर दिया गया है जो शांति भंग करने वालों के खिलाफ जांच कर रही है कई लोगों को हिरासत में भी ले लिया गया है जिनसे पूछताछ की जा रही है।
 इधर करौली शहर में अफवाह का दौर भी जारी है। जिससे लोगों में भय का माहौल भी बना हुआ है। रविवार के दिन करौली में तीन दुकानों में आगजनी की घटना भी सामने आई। जिसके बाद ऐतिहासिक तौर पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी तैनात किया गया है। सरकार की तरफ से करौली जिले में 50 से अधिक पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। जिनमें सीआईडी सीबी क्राइम ब्रांच की डीआईजी प्रीति चंद्रा, आईपीएस अफसर राहुल प्रकाश, करौली के पूर्व एसपी मृदुल कच्छावा, भरतपुर आईजी, भरतपुर संभागीय आयुक्त एसपी शैलेंद्र सिंह इंदौलिया समेत पुलिस के आला अधिकारी शहर में गश्त करते हुए आमजन से शांति की अपील कर रहे हैं। उधर करौली में प्रबुद्ध जनों की आयोजित हुई बैठक में बाड़मेर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ दिए गए बयान की भाजपा धुव्रीकरण कर रही है के बाद करौली धौलपुर सांसद डॉ मनोज राजोरिया ने पलटवार करते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री ने ऐसा बोला है तो निंदनीय है। मुख्यमंत्री करौली में आकर देखें कि किसने शांति को भंग किया है। घटना वाले दिन भी करौली विधायक लाखन सिंह और वह स्वयं दोनों ने मिलकर दोनो पक्षो के समाज के साथ बैठक आयोजित कर शहर मे शांति की अपील की। करौली में भाजपा द्वारा ऐसी कोई भी घटना को अंजाम नहीं दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री को पुलिस प्रशासन के अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश देने चाहिए।