कोटा ब्यूरो रिपोर्ट।

गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले समेत राज्यभर में बिजली की मांग भी बढ़ रही है। राज्य में सबसे ज्यादा बिजली उत्पादक बारां जिले के सबसे बड़े छबड़ा थर्मल पावर प्लांट में भी इन दिनों कोयले की कमी का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर प्रतिदिन 24 टन कोयले की खपत होती है, लेकिन इसके मुकाबले में केवल 20 टन कोयले की आपूर्ति हो रही है। छबड़ा थर्मल की 4 में से 3 इकाइयों में बिजली उत्पादन हो रहा है। पिछले दिनों ईएसपी गिरने के कारण एक इकाई में बंद है।

वहीं सुपर क्रिटिकल में दोनो इकाईयों को फुल लोड पर चलाकर बिजली उत्पादन किया जा रहा है। छबड़ा थर्मल सूत्रों के अनुसार सुपर क्रिटिकल में 660-660 मेगावाट की दो इकाइयां हैं, लेकिन यहां पर अब केवल 2 दिन का कोयला स्टॉक में है। यहां पर प्रतिदिन 15 हजार टन कोयले की खपत होती है। हालांकि राहत की बात यह है कि यहां पर प्रतिदिन 3 से 4 कोयले की रैक आ रही है, लेकिन अगर कोई दिन रैक नही आ पाई तो यहां पर बिजली उत्पादन बंद होने की आशंका है। वहीं छबड़ा क्रिटिकल थर्मल में 250 मेगावाट की 4 इकाइयां हैं। इनमें से 3 इकाइयों में बिजली उत्पादन किया जा रहा है। यहां पर वर्तमान में 5 दिन के कोयले का स्टॉक है। यहां पर प्रतिदिन 8 कोयले की रैक आ रही है, जिससे बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।

इसलिए चिंता...प्रतिदिन 13 रैक की डिमांड के मुकाबले 10 से 12 रैक आ रहा कोयला छबड़ा थर्मल राज्य में सबसे ज्यादा बिजली उत्पादन करता है। ऐसे में अगर यहां पर कोयले का संकट गहराया तो बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है। सूत्रों के अनुसार गर्मी के दौरान बिजली की डिमांड बढ़ गई है। लेकिन कोयले की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो रही है। छबड़ा थर्मल को प्रतिदिन 13 रैक कोयले की आवश्यकता है। इसके मुकाबले में वर्तमान में 10 से 12 रैक प्रतिदिन की सप्लाई हो रही है। अगर यहां पर पर्याप्त रूप से कोयले की आपूर्ति नहीं होती है, तो बिजली उत्पादन पर प्रभाव पड़ेगा व बिजली संकट गहरा सकता है। सुपर क्रिटिकल थर्मल प्लांट में 4 लाख टन कोयला स्टॉक करने की जगह है, जिससे 27 दिन तक थर्मल प्लांट को चलाया जा सकता है, लेकिन अब केवल 2 दिन का कोयला ही स्टॉक में है।

तापमान में लगातार बढ़ोतरी से, जिले में बिजली खपत बढ़कर 33 लाख यूनिट हुई तापमान में हो रही लगातार बढ़ोतरी से गर्मी का असर बढ़ गया है। इससे कूलर-पंखे, ऐसी आदि बिजली उपकरणों का उपयोग अधिक हो रहा है। ऐसे में प्रदेश के साथ ही जिले में भी बिजली की खपत बढ़ गई है। पिछले दिनों जिले में बिजली खपत 26 लाख यूनिट प्रतिदिन थी। लेकिन इसमें अब 7 लाख यूनिट की बढ़ोतरी हुई है। बिजली विभाग एसई एसएन गोरसिया ने बताया कि जिले में बिजली खपत बढ़कर 33 लाख यूनिट प्रतिदिन पंहुच गई है। जबकि पिछले साल यह 27 लाख यूनिट प्रतिदिन थी। ऐसे में पिछले साल के मुकाबले बिजली खपत में बढ़ोतरी हुई है। आगामी दिनों मंे गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली खपत बढ़ने की भी संभावना है।