इन्वेस्टर्स समिट का सबसे बड़ा असर अलवर जिले की प्रति व्यक्ति आय पर पड़ेगा। अभी 1.14 लाख रुपए वार्षिक के साथ चाैथे नंबर पर रहने वाला अलवर जिला अगले 3 साल में जयपुर काे पछाड़कर नंबर दाे पर आ जाएगा।
औद्याेगिक संभावना सर्वे की रिपाेर्ट के मुताबिक प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 81 हजार 355 रुपए आंकी गई है। प्रति व्यक्ति आय में पहला स्थान बाड़मेर का है। वहां प्रति व्यक्ति आय 1.41 लाख रुपए वार्षिक है। जयपुर 1.20 लाख रुपए वार्षिक के साथ दूसरे नंबर तथा 1.17 लाख रुपए वार्षिक के साथ श्रीगंगानगर तीसरे स्थान पर है।
55 फीसदी निवेश अकेले रियल एस्टेट से, 6 साल की मंदी दूर हाेगीइन्वेस्टमेंट समिट की खास बात इस बार रियल एस्टेट सेक्टर में 16 नए प्राेजेक्ट आना है। अलवर का रियल एस्टेट नाेटबंदी के पहले तक अपने शिखर पर था। भिवाड़ी और नीमराना में कई बड़े समूहाें ने अपने प्राेजेक्ट डाले, लेकिन नाेटबंदी के बाद 6 साल से बड़ी संख्या में प्राेजेक्टाें का काम थम गया। अकेले भिवाड़ी में ही 20 से अधिक प्राेजेक्ट लंबे समय से बंद पड़े हैं। लेकिन अब रियल एस्टेट सेक्टर में उछाल के बाद निवेशकाें ने एक बार फिर रुचि दिखाई है। इस सम्मेलन में कुल निवेश का सर्वाधिक 55 फीसदी यानी 3036 कराेड़ रुपए अकेले रियल एस्टेट सेक्टर कर रहा है। इसमें 6430 लाेगाें काे राेजगार भी मिलेगा।
समिट काे सफल बनाने के प्लान...
1. निवेशकाें काे प्लांट चालू कराने के लिए टाइम बाउंड थीम पर काम हाे रहा है। दाे माह के भीतर 21 कंपनियां ताे चालू भी कर दी गई हैं। उन्हें इसमें शामिल नहीं किया गया है।
2. जयपुर में वन स्टाॅप सेंटर बनाया है। इसमें एक ही छत के नीचे 14 विभागाें की सेवाएं दी रही हैं, जिससे उद्यमियाें काे परेशान नहीं हाेना पड़े।
3. एमएसएमई एक्ट में पांच साल तक किसी भी तरह के अनुमाेदन की छूट दी गई है।
तान्या रिसोर्ट में होगा मुख्य समारोह1. आयोजक- जिला प्रशासन, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग व रीको
2. समय- सुबह 10 बजे से
2. अतिथि- पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, शिक्षामंत्री डॉ. बीडी कल्ला एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग मंत्री टीकाराम जूली होंगे। अध्यक्षता उद्योग मंत्री शकुंतला रावत करेंगी।
अलवर निवेशकों की पसंद, 5 हजार कराेड़ से ज्यादा के हाेंगे : रावत
उद्याेग एवं देवस्थान विभाग मंत्री शकुंतल रावत ने कहा कि अलवर में गुरुवार काे हाेने वाले इन्वेटर्स समिट में देशी-विदेशी कंपनियाें के 5 हजार कराेड़ रुपए से अधिक निवेश के एमओयू हाेने की संभावना है। यहां तान्या रिसाेर्ट में हाेने वाले समिट में बड़ी संख्या में उद्याेगपति शामिल हाेंगे।
औद्याेगिक वातावरण हाेने के कारण जिले में देशी विदेशी निवेशकाें की विशेष रुचि है। दैनिक भास्कर से बातचीत में उद्याेग मंत्री रावत ने कहा कि अलवर जिला कंपनियों का औद्याेगिक हब माना जाता है। देश की राजधानी दिल्ली और प्रदेश की राजधानी जयपुर के नजदीक है। साथ ही रेल और सड़क मार्ग से अच्छी कनेक्टिवटी है।
यहां श्रमिक आसानी से मिल जाते हैं। उद्याेग लगाने के लिए जमीन व कच्चा माल भी उपलब्ध है। उद्याेग लगाने से पहले उद्यमी कानून व्यवस्था और औद्याेगिक वातावरण काे देखते हैं। अलवर में उद्यमियाें के लिए सभी चीजें उपलब्ध हैं। इस कारण देशी विदेशी निवेशकाें की यहां निवेश करने में रुचि रहती है।



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