बहरोड़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायत बसई की सरपंच मीनाक्षी मीणा के पति कृष्ण कुमार मीणा को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पट्टे के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी 3 माह से घूस के लिए पट्‌टा रोक कर बैठा था। पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी संदीप कुमार से भी एसीबी निंभोर पुलिस चौकी में पूछताछ कर रही है। इसमें आरोपी ने बहरोड़ पंस के पंचायत प्रसार अधिकारी सुभाष कुमार भावलिया का नाम भी लिया है।

शिकायत कर्ता को विधायक देंगे 51 हजार का इनाम : बहरोड़ विधायक बलजीत यादव कल गुरुवार को परिवादी इन्द्र यादव का सम्मान करेंगे। विधायक ने हाल ही घोषणा की थी कि उनके क्षेत्र में कोई घूसघोर को पकड़वाएगा तो उसे 51 हजार रुपए का पुरस्कार देेंगे। यादव ने कहा कि इन्द्र यादव यह इनाम पाने वाले विस क्षेत्र के पहले व्यक्ति होंगे।

भास्कर पड़ताल: कुछ घंटे पहले सड़क का उद्नघाटन, एसीबी बोली-नहीं मिलीं सरपंच एसीबी सीआई श्रवण कुमार ने बताया कि गांव गुगड़िया निवासी इंद्र यादव (39) पुत्र जगमाल सिंह यादव ने एसीबी को परिवाद दिया। इसमें बताया कि उसके 50 साल पुराने मकान का पट्‌टा लेने के लिए आवेदन किया था।

तब भी सरंपच के पति कृष्ण ने 8 हजार ले लिए, मगर बाद में ये रकम लौटा दी और कहा कि पट्‌टा 20 हजार में बनेगा। पूरे रुपए एकसाथ दे देना और पट्‌टा ले जाना।

उसका पट्टा 21 दिसंबर 2021 को प्रशासन गांव के संग अभियान में तैयार में बन भी गया, लेकिन कृष्ण मीणा बिना घूस पट्‌टा नहीं दे रहा था। इंद्र ने 11 मार्च को जयपुर एसीबी मुख्यालय पर शिकायत दी थी। सत्यापन के बाद एसीबी डीएसपी नीरज गुरनानी के नेतृत्व में एसीबी टीम ने आरोपी को बुधवार शाम 4 बजे घूस लेते उसके घर से गिरफ्तार किया।

एसीबी की रेड से कुछ घंटे पहले सुबह 10 से दाेपहर 12 बजे के बीच सरपंच मीनाक्षी व आरोपी कृष्ण ग्राम सभा ओर इंटरलॉकिंग सड़क का उद्घाटन कर रहे थे। मगर एसीबी ने संरपंच से पूछताछ नहीं की। एसीबी सीआई श्रवण का कहना था कि कारर्वाइ के दौरान उन्हें सरपंच मीनाक्षी नहीं मिली। वह कहीं बाहर गई हुई है और फोन रिसीव नहीं हुआ।

आरोपी पर पहले भी फर्जी पट्‌टे का केस दर्ज, पुलिस ने एफआर लगा डाली
आरोपी कृष्ण कुमार इसी ग्राम पंचायत में पहले खुद सरपंच था। इस बार उसकी पत्नी मीनाक्षी सरपंच हैं। एसीबी अधिकारियों को पूछताछ में पता चला कि आरोपी कृष्ण सरपंच के हस्ताक्षर से लेकर हर काम खुद ही करता है। बैठक व अफसरों ने मिलने भी वही जाता है।

उसके खिलाफ पूर्व में भी एसीबी को गोचर भूमि पर पट्‌टे जारी करने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच नीमराना पुलिस थाना को दी गई। उक्त प्रकरण में तत्कालीन नीमराना थानाधिकारी संजय पूनिया ने एफआर लगा उसे क्लीन चिट दे दी थी। सरपंच के खिलाफ मारपीट सहित कई और मामले भी दर्ज हैं, लेकिन पुलिस की रहनुमाई में वह खुलेआम घूस मांगता है। इसी के चलते पीड़ित पक्ष ने जयपुर एसीबी को शिकायत दी।