डॉ. रामावतार शर्मा 

 प्राचीन काल से ही यह मान्यता रही है कि सुगठित शरीर और आकर्षक व्यक्तित्व वाले पुरुषों में रोग तुलनात्मक रूप में कम होते हैं। इंग्लैंड और पश्चिम के कुछ अन्य देशों में एक शोध चल रहा है जो कि उपरोक्त मान्यता को कसौटी पर लेगा। सबसे पहले तो यह तय करना पड़ेगा कि आकर्षक व्यक्तित्व का मतलब क्या होता है ? शोधकर्ताओं के अनुसार अनुपात के हिसाब से संतुलित और औसतन शरीर हो उसे आकर्षक शरीर माना जाता है और ऐसे शरीर को यदि ऐसा व्यक्तित्व प्रदान कर दिया जाए कि लोग उसकी तरफ आकर्षित होने लगें तो ऐसे लोग स्वास्थ्य के हिसाब से काफी मजबूत हो सकते हैं।

     रोग प्रतिरोध क्षमता के बारे में शोध करना एक बड़ा कठिन और जटिल काम होता है। इसीलिए आपने इस बारे में काफी कम पढ़ा होगा। रोग प्रतिरोध क्षमता के बारे में लिखना भी काफी मुश्किल होता है। ज्यादातर लेखक खानपान, कसरत और सोने उठने के नियमित जीवन को आधार बना कर ही लिखते हैं पर कुछ महत्वपूर्ण बातें इन सब से परे भी होती हैं। भाषा इतनी तकनीकी होती है कि आम आदमी के लिए समझना जरा मुश्किल हो जाता है।

     एक बैक्टीरिया होता है जिसका नाम है इ कोलाई। इस तरह के बीमारी पैदा करने वाले बैक्टीरिया को हमारे शरीर की कुछ कोशिकाएं नष्ट करने में सक्षम होती हैं जिन्हे फैगोसाइट कहते हैं। आकर्षक व्यक्तित्व वाले पुरुषों के रक्त में ये प्रचुरता से पाई जाती हैं। शरीर की रक्षा में महत्वपूर्ण भाग लेने वाली अन्य रक्त कोशिकाएं होती हैं बासोफिल। ये भी इन लोगों में ज्यादा पाई जाती हैं। एक और तरह की कोशिकाएं भी होती हैं जिन्हे प्राकृतिक विनाशक ( नेचुरल किलर्स या एन. के ) कहा जाता है। ये कोशिकाएं वायरस और कैंसर आदि के विकास को रोकती हैं। आकर्षक व्यक्तित्व वाले पुरुषों में ये कोशिकाएं ज्यादा पाई जाती हैं। ये शोध महिलाओं पर भी हुए हैं परंतु इस्ट्रोजन हार्मोन के प्रभाव की वजह से महिलाओं में व्यक्तित्व का रोग प्रतिरोधक क्षमता पर क्या असर पड़ता है इस बारे में ज्यादा निर्णायक स्थिति बन नहीं पाई है।

     शोधकर्ताओं के अनुमान के अनुसार दो वजह होती हैं जिनके कारण आकर्षक व्यक्तित्व वाले पुरुषों में इम्यूनिटी ज्यादा होती है। एक तो यह है कि ये पुरुष जेनेटिक्स की वजह से ज्यादा मजबूत बने हैं। दूसरा कारण यह भी होता है कि प्रभावशाली व्यक्तित्व बनाए रखने के लिए ये लोग खानपान और अन्य स्वास्थ संबंधित बातों का ज्यादा खयाल रखते हैं। इसके अलावा जो लोग मानसिक रूप से उद्वेलित रहते हैं जैसे कि गुस्से में या चीखते चिल्लाते रहते हों  या फिर जिनके शरीर का वजन ज्यादा रहता हो तो उनकी कोशिकाओं में एक तरह का सूजन रहता है जो कि उनकी इम्यूनिटी को कम कर सकता है।

     शारीरिक बनावट एवम् व्यक्तित्व का रोगों की रोकथाम में कितना महत्व होता है इस पर अभी काफी और शोध की आवश्यकता है पर तब तक अपने आप को प्रभावशाली और आकर्षक बनाने में कोई हर्ज भी नहीं है पर याद रखिए  नम्रता, हंसी, सद्भावना, स्नेह आदि गुण ही व्यक्तित्व को आकर्षित बनाने में सहायक होते हैं।

     संपर्क सूत्र: ramawatarf132@gmail.com