चित्तौड़गढ़-गोपाल चतुर्वेदी।
जहां एक तरफ राजस्थान सरकार के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बेरोजगारों को रोजगार देने का दावा कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर विगत 10 महीनों से कोरोना महामारी की विकट परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर अपने कर्तव्य का अंजाम देने वाले कोविड स्वास्थ्य सहायकों और यूटीबी नर्सेज कर्मियों को 10 माह में ही सेवा से हटा दिया है। जिसके चलते सैकड़ों की संख्या में नर्सिंग कर्मी अब बेरोजगार हो गए हैं। इसी के विरोध में समस्त नर्सिंग कर्मियों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया और सरकार पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया। यूटीबी और  कोविड स्वास्थ्य सहायकों कि सेवाएं समाप्त करने के बाद चित्तौड़गढ़ में शुक्रवार को टीकाकरण नहीं हुआ। यूटीवी नर्सेज कर्मियों ने सीएमएचओ कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही शुक्रवार रात्रि 12:00 बजे से सभी यूटीवी नर्सिंग कर्मी अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसके बारे में जानकारी देते हुए राजस्थान स्वास्थ्य सहायक एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक गौरव गोस्वामी ने बताया कि कोविड महामारी और डेंगू की रोकथाम के लिए राज्य सरकार ने 25000 कोविड  स्वास्थ्य सहायकों की भर्ती की थी। जो इन बीमारियों की रोकथाम के लिए  लगातार अपनी सेवाएं दे रहे थे। लेकिन इस दौरान कोविड स्वास्थ्य सहायकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ा और 10 माह बाद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई है जिसके कारण उनके भविष्य पर अब प्रश्नवाचक चिन्ह लगाया है। संगीता चौरड ने बताया कि कोरोना महामारी के समय सभी ने विपरीत परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं दी है। सरकार ने अब उनकी सेवाओं को समाप्त कर दिया है जिसके कारण अब परिवार पर भी रोजी रोटी का संकट आन खड़ा हुआ है और उनके छोटे-छोटे बच्चों के भविष्य के साथ उनका भविष्य भी अब संकट में आ गया है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा 31 मार्च से उनकी सेवा को समाप्त करने से चित्तौड़गढ़ में सैकड़ों की संख्या में नर्सेज कर्मी बेरोजगार हो गए हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है हटाए गए  यूटीवी और कोविड स्वास्थ्य सहायकों की सेवाएं बहाल की जाए।इससे पहले सैकड़ों की संख्या में नर्सेज कर्मी जिला कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे और वहां पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और चिकित्सा मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा।