उदयपुर-भगवान प्रजापत।
मनमाने ढंग से निजी स्कूलों की ओर से वसूली जा रही भारी भरकम फीस के विरोध में मंगलवार को राजस्थान अभिभावक संघ ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और स्कूलों पर अंकुश लगाने की मांग की। राजस्थान अभिभावक संघ के सदस्यों ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल शिक्षा माफिया की तरह काम कर रहे है ओर सुप्रीम के आदेश को भी नहीं मान रहे है। पूरे प्रदेश में यही हाल है और सरकार की और से कोई कदम नही उठाया जा रहा है। इससे निजी स्कूलों के संचालकों के हौंसले बुलंद हो रहे है। ज्ञापन के बाद राजस्थान अभिभावक संघ के संयोजक हरीश सुहालका ने बताया कि कोरोना काल में निजी स्कूलों की फीस को लेकर सुप्रीम के आदेशों की खुले रूप अवहेलना की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कोई भी स्कूल छात्र को फीस जमा नहीं करवाने पर परीक्षा से वंचित नहीं रख सकता है लेकिन निजी स्कूल के संचालक मनमाने ढंग से नियम और कानून बनाकर बच्चों को परीक्षा नहीं देने दे रहे है साथ ही कई बच्चों के परिणाम घोषित नहीं किए जा रहे है। जिला कलेक्ट्री के बाहर प्रदर्शन के दौरान अभिभावकों ने इसके लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। परिजनों का कहना था कि अगर राज्य सरकार समय रहते कठोर कदम उठाती तो सड़क पर नहीं उतरना पड़ता। निजी स्कूलों के संचालक न तो सरकार की बात मान रहे है और न ही सुप्रीम कोर्ट की। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले लम्बे समय से इस मामले में सरकार के नकारात्मक रवैये की वजह से दिन पर दिन निजी स्कूलों की मनमानी बढ़ रही है।

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