हनुमानगढ़-विश्वास कुमार।
नौ दिवसीय भद्रकाली मेले का शनिवार को जिला कलेक्टर नथमल डिडेल, जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अजय सिंह द्वारा विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी संस्था हनुमानगढ़ सेवा समिति भारत क्लब द्वारा भद्रकाली मेला नौ दिवसीय सेवा शिविर का शुभारंभ भी किया गया।समिति द्वारा 39 वे नौ दिवसीय सेवा शिविर में जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक का छोटी कंजक पोरिका जालंधरा द्वारा तिलक लगाकर स्वागत किया।
अतिथियों ने समिति के कार्यालय में कार्यकर्ताओं से समिति की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए समिति कार्यकर्ताओं की प्रशंसा करते हुए समस्त सेवादारों को सेवा कार्य में जुटे रहने का आह्वान किया। समिति संरक्षक मदन गोपाल जिंदल ने अतिथियों को बताया कि समिति द्वारा पिछले 38 सालों से भद्रकाली मेला में व्यवस्थाएं संभाली जा रही हैं। समिति मेला प्रभारी सुनील धूड़िया ने बताया कि सेवा शिविर में खोया पाया केंद्र, कंट्रोल रूम, जूता घर, चिकित्सा व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था आदि व्यवस्थाएं की जाती है।
इस अवसर पर देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ओपी पालीवाल,तहसीलदार दानाराम मीणा, उप पुलिस अधीक्षक प्रशांत कौशिक, टाउन थाना प्रभारी दिनेश सहारण,सरपंच रोहित स्वामी,समिति के अध्यक्ष रामकुमार मंगवाना,सचिव भगवान सिंह खुड़ी, कोषाध्यक्ष अनिल जिंदल,विनोद गर्ग, कृष्ण अवतार शर्मा, मणीशंकर, देवकीनंदन,जयकिशन सोनी, अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
कलक्टर व एसपी ने करवाई घट स्थापना,एसपी ने पोशिका का किया तिलक
जिला कलेक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक ने घट स्थापना कर मंदिर में पूजा-अर्चना करवाई। जिला पुलिस अधीक्षक ने कन्या का तिलक कर समिति कार्यालय का शुभारंभ किया। जिला पुलिस अधीक्षक ने छोटी कन्या पोशिका जलंधरा का तिलक कर व पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।
ये है इतिहास
किव्दन्ति है की तकरीबन 500 वर्ष पहले मुगल बादशाह अकबर इस इलाके से गुजर रहा था उस समय यह पूरा बियाबान जंगल था।इस जंगल में उसे एक बुढ़िया दिखायी दी ।बुढ़िया से अकबर ने कहा की माई मुझे प्यास लगी है पानी मिल सकता है।बुढ़िया ने उसे जमीन से थोड़ा पानी निकालकर पानी दिया।जैसे पानी की कमी हुई तो वापस जमीन से पानी निकाल कर दिलाया तो अकबर को लगा कि यह कोई देवीय शक्ति है और अकबर ने माता के पैर पकड़ लिए और कहा कि माता मुझे खाना खिलाओ।माताजी ने खाना खिलाया और आगे टोकरी रखी और कहा कि इसको हटाना मत एक ही जगह पड़ी रहने देना और इस प्रकार पूरी सेना को खाना खिला दिया।जिस पर अकबर ने बुढ़िया से कुछ मांगने को कहा तो उन्होंने यहां माँ भद्रकाली का मंदिर बनाने की इच्छा जताई, जिसपर अकबर ने इस मंदिर का निर्माण करवाया.।

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