जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
युवा साहित्यकार किशन प्रणय की राजस्थानी कविताओं पर साहित्यिक चर्चा का आयोजन रविवार को होगा। आखर पोथी की श्रंखला में होने वाला यह कार्यक्रम 1 मई रविवार को शाम 5 बजे आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रख्यात आलोचक कुंदन माली कविताओं पर अपनी समीक्षक दृष्टि से विचार रखेंगे।
 कार्यक्रम कोटा के पूर्व सांसद इजयराज सिंह के सानिध्य में सम्पन्न होगा। किशन प्रणय की नई पुस्तक ’तत्पुरुस‘ में राजस्थानी जीवन शैली, शहरी और ग्रामीण जीवन का अंतर, प्रेम, वोट, जीवन की भागदौड़, पक्षियों की उड़ान, गणतंत्र दिवस जैसे सामान्य दिखने वाले विषयों पर गंभीर कविताएं है। इनमे से कुछ कविताओं में प्रभावी व्यंग्य दिखाई देता है, तो कुछ में मानवीय संवेदनाओं की गहरी अभिव्यिक्ति है। साथ ही साथ लोक संस्कति के पहलुओं का महत्वपूर्ण समावेश है। 
किशन प्रणय की हिंदी भाषा में भी ’अवकाश मेरे मन‘ और ’बरगद में भूत‘ भी प्रकाशित हो चुकी है। आखर पोथी के अंतर्गत राजस्थानी भाषा को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष रूप से युवा साहित्यकारों को अवसर दिया जाता है। इससे पूर्व मोहन पुरी, संतोष चौधरी, गजेसिंह राजपुरोहित, राजूराम बिजारणियां, घनश्याम नाथ कच्छावा, देवीलाल महिया, कमलकिशोर पीपलवा, अभिलाषा पारीक जैसे अनेक युवाओं की पुस्तकों पर साहित्यिक चर्चा की जा चुकी है।