जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भाजपा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से गृहमंत्री के पद से इस्तीफा मांगा है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ.सतीश पूनिया ने कहा 5 मई को भाजपा राजगढ़ में मंदिर तोड़ने की घटना को लेकर अलवर कलेक्ट्रेट पर बड़ा प्रदर्शन करेगी।
प्रदेश और जिले के भाजपा कार्यकर्ता वहां जाकर विरोध दर्ज कराएंगे। उन्होंने कहा कमजोर सा बचाव करते हुए कांग्रेस सरकार ने भाजपा बोर्ड पर ही आरोप लगाए। लेकिन पार्टी की कमेटी ने जो पेपर पेश किए हैं, उससे कांग्रेस की पोल खुल गई। कांग्रेस इस मामले में जनता की अदालत में दोषी पाई गई है। भाजपा ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर कांग्रेस सरकार के खिलाफ चार्जशीट जारी की है। जिसे 40 महीने पुरानी अत्याचारी,निरंकुश और असंवेदनशील सरकार के खिलाफ आरोप-पत्र' का नाम दिया गया है।
उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा गहलोत सरकार के खिलाफ 18 आरोपों के साथ आरोप-पत्र जारी किया है। राजस्थान में बढ़ते क्राइम और अलवर जिले में अपराधों को घटनाओं को केन्द्रित करके यह आरोप-पत्र तैयार किया गया है।
डॉ.सतीश पूनिया, भाजपा विधायक दल के उप नेता राजेन्द्र राठौड़, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अरुण चतुर्वेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच,प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज, पंकज मीणा,श्रवण सिंह बगड़ी की मौजूदगी में जारी चार्जशीट में 18 आरोप प्रदेश की गहलोत सरकार पर लगाए गए हैं। जिन्हें भाजपा जनता के बीच लेकर जाएगी। कार्यकाल के 40 महीने गुजार चुकी सरकार की लचर कानून व्यवस्था के कारण आम आदमी दहशतगर्दी की जिंदगी जीने को मजबूर है। देशी-विदेशी पर्यटक भी अब प्रदेश से मुंह मोड़ने लगे हैं।
नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की रिपोर्ट और पुलिस के ऑथोराइज्ड डॉक्यूमेंट्स, मंथली रिपोर्ट के डाटा बताते हैं कि साल 2019-20 और 2020-21 में महिला दुष्कर्म के नजरिए से राजस्थान देशभर में पहले नम्बर पर रहा। एसटी वर्ग पर अत्याचारों में सरकार के ऑथोराइज्ड आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान दूसरे नम्बर पर रहा और एससी अत्याचारों में राजस्थान तीसरे नम्बर पर रहा। महिला दुष्कर्म के मामले में वर्ष 2020-21 में अकेले राजस्थान में 22 फीसदी मामले रहे। राजस्थान शर्मसार है कि प्रदेश में प्रतिदिन 18 महिलाएं रेप का शिकार हो रही हैं और रोजाना मर्डर हो रहे हैं।
देश में सांप्रदायिक तनाव की सबसे ज्यादा घटना राजस्थान जैसे शांतिप्रिय प्रदेश में हो रही हैं। औद्योगिक राजधानी अलवर जिला आज कानून व्यवस्था, सांप्रदायिक तनाव और समुदाय विशेष की गुंडागर्दी के कारण सुर्खियों में है।

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