जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

जयपुर कमिश्नरेट की सदर थाना पुलिस ने वर्ष 2020 के एक मामले में वकील गोवर्धन सिंह को बुधवार को गिरफ्तार किया है। 3 अप्रैल 2020 को तत्कालीन एसीपी संध्या यादव ने गोवर्धन सिंह के खिलाफ सदर थाने में शिकायत दी थी। इसमें कहा गया था कि कोविड महामारी के दौरान खासकोठी पुलिया के नीचे गोवर्धन ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया,आपत्ति जनक तरीके से देखा और देख लेने की धमकी दी थी। 

मामला दर्ज होने के बाद गोवर्धनसिंह ने एसीपी संध्या के खिलाफ अभद्र टिप्पणी एवं व्यक्तिगत कमेंट फेसबुक पेज पर पोस्ट की। इसे देखते हुए पुलिस ने बुधवार को गोवर्धनसिंह को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार किया।

गोवर्धन सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज होने पर पुणे सदर थाने की ई मेल पर संध्या यादव और कावेन्द्रसिंह सागर जो की तत्कालीन डीसीपी वेस्ट थे। उन पर आपत्ति जनक एवं जाति सूचक कमेंट किया गया। यही परिवाद पुलिस थाना सिंधी कैम्प व एडिशनल डीसीपी वेस्ट को भी दिया था। इस मामले की प्रारम्भिक जांच एसीपी प्रमोद स्वामी द्वारा की गई। इसके बाद बाद क्राईम ब्रांच में एएसपी सरिता बडगुर्जर ने भी दोषी माना। दोबारा जांच को एडीसीपी अशोक चौहान को दी गई इस दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए गोवर्धनसिंह ने हाईकोर्ट में रिट दायर की। इस पर कोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए जांच के आदेश दिए थे। एडिशनल डीसीपी करण शर्मा की जांच में दोषी पाए जाने पर गोवर्धन सिंह को गिरफ्तार किया है।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर अजयपाल लांबा ने बताया कि 3 अप्रैल को गोवर्धनसिंह के साथ दो लोग अन्य लोग भी थे, जिन्हें भी आरोपी माना है। साथ ही इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट को वायरल करने वाले तीन लोगों को भी आरोपी माना गया है जिनके खिलाफ शीघ्र गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।