करौली ब्यूरो रिपोर्ट।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक को डीओआईटी में वीडियों कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जिला कलेक्टर राजेन्द्रसिंह शेखावत ने संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सक सेवाओं की प्रदायगी में कोताही न बरतें, नीति आयोग के सूचकांको में मॉनीटरिंग कर रैंकिंग सुधारे। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी जिले को टॉप 10 में लाने का हरसंभव प्रयास करें और समयानुरूप सेवाओं की प्रदायगी सुनिश्चित करें। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से प्रदर्शित विभागीय योजनाओं की समीक्षा कर एएनसी रजिस्ट्रेशन, टीकाकरण, अंतरा इंजेक्षन, महिला नसबंदी, कोविड वैक्सीनेशन में प्रगति लाने एवं जेएसवाई-आरएसवाई की पेंडेंसी आगामी बैठक तक निपटाने के निर्देश प्रदान किये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की फ्लैगसिप योजनाओं में नैगेटिव ट्रेड बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। चिकित्सक मॉनीटरिंग बढाकर सेक्टर स्तर तक सेवाओं और सुविधाओं की मजबूत बनाये। उन्होंने अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने संबंधी गतिविधियों का आयोजन जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजन के दौरान करने की अपेक्षा जताकर अच्छे प्रदर्शन को प्रोत्साहित करने और लापरवाहों के खिलाफ कार्यवाही की अनुशंसा की एवं मुखबिर योजना के पोस्टर का विमोचन कर भू्र्ण लिंग परीक्षण करने वालों की सूचना पाने के लिए हरसंभव प्रयास की आवश्यकता जताई। जिला कलेक्टर ने मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच योजना और दवा योजना में संस्थाओं पर समयबद्ध सेवाओं के निर्देश देते हुए टीबी केस नोटिफेशन के गिरते क्रम को रोकने के समुचित प्रयास की आवश्यकता जताई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेशचंद मीना ने बैठक दौरान विभागीय गतिविधियों को पीपीटी के माध्यम से रखते हुए परिवार कल्याण साधनों की प्रदायगी बढाकर जिले को नबंर 1 पर लाने के लिए सेक्टर स्तर पर मॉनीटरिंग की आवश्यकता जताते हुए पीपीआईयूसीडी, दो बच्चों पर महिला नसबंदी, अंतरा इंजेक्षन की प्रथम डोज प्रदानता, और ई-औषधी पर पर्च्चियों की एंट्री गैप को कम करने के निर्देश प्रदान किये। उन्होंने आरएसवाई-जेएसवाई भुगतान में पेंडेंसी को निपटाने और प्रथम एएनसी रजिस्ट्रेशन दौरान ही आवश्यक दस्तावेज फाईलिंग करने के निर्देश प्रदान किये। उन्होंने संपूर्ण टीकाकरण में कार्य की गुंजाईश बताते हुए कहा कि हमें प्रत्येक सूचकांक को स्टेट एवरेज से फॉलो करना है ताकि हमारा जिला नैगेटिव ट्रेड में न रहें। उन्होंन टीम बनाकर वैक्सीनेशन के लक्ष्यों को पूरा करने और चिरंजीवी शिविरों के आयोजन दौरान चिरंजीवी योजना में शेष परिवारों का रजिस्ट्रेशन कराने की अपेक्षा जताई। इस दौरान पीएमओ डॉ. पूरणमल वर्मा, आरसीएचओ डॉ. जयंतीलाल मीना, डिप्टी सीएमएचओ डॉ. सतीशचंद मीना, डीपीसी डॉ देवन्द्र शर्मा, डीटीओ डॉ. विजयसिंह मीना, डीपीएम आशुतोष पांडेय, डीएनओ रूपसिंह धाकड, आईईसी समन्वयक लखनसिंह लोधा, पीसीपीएनडीटी समन्वयक नगीना शर्मा मौजूद रहे।
भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने के लिए मुखबिर योजना संचालित।
बालिका जन्म को प्रोत्साहन हेतू भ्रूण लिंग परीक्षण रोकने के लिए मुखबिर योजना संचालित है। जिसके तहत भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जायेगी ।
जिला कलेक्टर राजेन्द्रसिंह शेखावत ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के पीसीपीएनडीटी सैल द्वारा मुखबिर योजना संचालित है। जिसमें मुखबिर बनकर डिकॉय ऑपरेशन कराने वाली टीम को तीन लाख रूपये की प्रोत्साहन राशि दी जायेगी। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि अपने क्षेत्र में भ्रूण लिंग परीक्षण की सूचना सीएमएचओ कार्यालय स्थित पीसीपीएनडीटी सैल में किसी भी माध्यम से दी जा सकती है एवं स्टेट स्तर से जारी व्हासप् नंबर 9799997795 पर भी सूचित किया जा सकता है।

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