जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी ने मंगलवार को एक कार्यक्रम में कहा कि आज के इस प्रतिस्पर्धा के दौर में समाज और सरकार को रोज़गार और आजीविका के नए विकल्प सृजित करने होंगे। जब तक बेरोजगारी का मसला हल नहीं होगा तब तक रीट जैसे पेपर लीक होते रहेंगे। चाहे सजा में मृत्युदंड का ही प्रावधान क्यों न कर दिया जाए। मुख्य न्यायाधीश नारी निकेतन परिसर 8 मील में बाल परामर्श एवं कौशल विकास प्रशिक्षण केन्द्र के लोकार्पण समारोह को सम्बोधित कर रहे है। उन्होंने कहा कि आजकल रीट के पेपर लीक हुए उस पर बहुत चर्चा हो रही है। बहुत मंथन किया जा रहा है। इससे जुड़ा मसला हमारे कोर्ट में भी आया था। कुरैशी ने कहा कि आइंदा यह न हो हम बहुत सख्त सजा का प्रावधान करने जा रहे है। कोर्ट का मसला था मैने कुछ बोलना उचित नहीं समझा। लेकिन मेरे दिमाग ने कहा कि अब चाहे मृत्युदंड भी क्यों न लगे, लेकिन बेरोजगारी का मसला हम सुलझा नहीं पाएंगे पेपर लीक होते ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारिता विभाग के इस नवाचार से उन बालक बालिकाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा जो सामाजिक स्तर पर अपनी एक नयी पहचान बनाना चाहते है। उन्होंने कहा की इस केन्द्र द्वारा शून्य से सृजन को चरितार्थ किया जाएगा क्योंकि कौशल, प्रशिक्षण और रोज़गार के साधन विकसित करने से ही समाज का उत्थान होगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि बाल अधिकारिता विभाग मंत्री ममता भूपेश थी।

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