जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान विधानसभा में बजट सत्र की शुरुआत बुधवार को भी बहस के साथ हुई। विधानसभा में बहस के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा ने कहा है कि अशोक गहलोत को किसी सलाह की जरूरत नहीं है। उपनेता प्रतिपक्ष ने जब संयम लोढ़ा से सलाहकार पद से इस्तीफा देने की सलाह दी तो लोढ़ा ने कहा कि पहले ऑर्डर तो हों। सीएम के सलाहकार का यह बयान चर्चा का विषय बन गया है।बजट बहस के दौरान सयंम लोढ़ा ने कहा- मैं प्रतिपक्ष के नेता का लगातार स्टेटमेंट पढ़ता रहा। इस सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार हुआ नहीं कि सरकार गिरी। यह बोर्ड चेयरमैन की नियुक्ति हुई नहीं कि यह सरकार गिरी। लो, मंत्रिमंडल विस्तार भी हो गया, बोर्ड चेयरमैन की नियुक्ति भी हो गई, राजनतिक नियुक्तियां भी हो गई, लेकिन आपके सपने तो धरे रह गए। इस पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने संयम लोढ़ा से कहा कि आपके सपनों का क्या हुआ मेरे मित्र? संयम लोढ़ा ने कहा- मेरे सपने यही हैं कि मैं सदन में खड़ा हूं, आपके आशीर्वाद से। नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि नो सलाहकार हैं, इतने तो कमजोर हैं वो। इस पर संयम लोढ़ा ने कहा- इतना तो आपको ही पता है कि अशोक गहलोत को किसी की सलाह की जरूरत नहीं है। इस पर राजेंद्र राठौड़ ने संयम लोढ़ा से कहा कि इस्तीफा दे दीजिए। संयम लोढ़ा ने जवाब में कहा कि नियुक्ति् के ऑर्डर तो हों कि इस्तीफा दूं। गौरतलब है कि निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा सहित छह विधायक मुख्यमंत्री के सलाहकार बनाए गए हैं लेकिन किसी के नियुक्ति आदेश अभी तक नहीं निकले हैं।