जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
चाकसू के पास स्थित बडली गांव के प्रसिद्ध बड़ली का भोमिया के स्थान पर पूरी रात आसपास की प्रसिद्ध भजन मंडलियों द्वारा भजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।जिसने रात भर ग्रामवासी भजनों को सुन कर मस्ती में नाचते रहे। कार्यक्रम संयोजक महिपाल स्वामी ने बताया कि बड़ली का भोमिया, भोम् ने संभालो जी, कुण चुणयो थारो देवरो, कुण लगाई थारी नीव, राजाजी चुणयो थारो देवरो, गुरुजी लगाई थारी नीव, बड़ली के भोमिया का असली गीत के बोल यह है।
इन भजनों को चाकसू के आसपास के जाट और गुर्जर जाति के लोग ही गाते हैं। बड़ली का भोमिया मंदिर में कई दशकों के बाद रात्रि जागरण का आयोजन किया गया। इसमें ग्राम वासियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। रात्रि जागरण में बड़ली गांव के कालूराम गुर्जर, रामस्वरूप भवाल पार्टी, स्वामी का वास के हजारी सांवत व शोजी राम कराड पार्टी ने अपने भजनों के माध्यम से लोगों को आनंदित कर दिया। अलगोजे पर रामकरण,हनुमान, गोपाल नारायण ने संगत की, ढोलक पर राम भजन गुर्जर, देश राम गुर्जर, बद्रीनारायण ने शानदार संगत से भजनों को जीवंत कर दिया। मजीरे पर रामधन जाट, सीमा राम गुर्जर, प्रभु जी, दया राम ने संगत की और हरजी राम गुर्जर ने नृत्य कर माहौल को रोमांचित किया।

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