झालावाड़-हरिमोहन चोडॉवत।
भ्रष्टाचार के मामलों में अक्सर वसुंधरा राजे व सांसद दुष्यंत सिंह को घेरने वाले झालावाड़ के कांग्रेस नेता व झालावाड़ बारां से लोकसभा प्रत्याशी रहे प्रमोद शर्मा खुद भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गए हैं। स्विफ्ट सिक्योरिटी एजेंसी के मैनेजर दीपक तिवारी ने झालावाड़ में एक प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस नेता प्रमोद शर्मा पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप लगाए हैं। दीपक तिवारी का आरोप है कि प्रमोद शर्मा ने झालावाड़ अस्पताल में टेंडर नहीं डालने के लिए उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। इस मामले में मैनेजर ने झालावाड़ पुलिस अधीक्षक को परिवाद देकर प्रमोद शर्मा पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री व झालावाड़ के प्रभारी मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत भी की है। दीपक तिवारी ने मीडिया के सामने प्रमोद शर्मा पर चौथ वसूली के आरोप लगाकर साक्ष्य पेश किए हैं।
आरोपो से घिरे प्रमोद शर्मा झालावाड़ बारां लोकसभा से सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं और झालावाड़ में कांग्रेस के प्रथम पंक्ति के नेता हैं।
शर्मा पर लगे आरोप और साक्ष्य।
दीपक तिवारी ने मीडिया कर्मियों के सामने एक कॉल रिकॉर्डिंग पेश की। जिसमें प्रमोद शर्मा टेंडर नहीं डालने के लिए दीपक को धमका रहे हैं। दीपक तिवारी का कहना है कि प्रमोद शर्मा उन्हें जान से मारने के लिए गुरूवार को उनके घर तक पहुंच गए थे। प्रमोद शर्मा अपनी चहेती फर्म को मनचाही दरों पर टेंडर दिलवाना चाहते हैं।इसलिए वह नहीं चाहते कि झालावाड़ अस्पताल के सिक्योरिटी गार्ड के टेंडर की कॉपी कोई और दूसरी फर्म डालें।दीपक तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रमोद शर्मा ने उन्हें धमकाकर वर्ष 2021 में 8 माह तक उनके ऑफिस के कर्मचारियों की सैलरी चौथवसुली के रूप में दिलवाई। दीपक तिवारी की एजेंसी ने प्रमोद शर्मा के ऑफिस के 4 कर्मचारियों की 1 लाख 70 हजार रुपये भुगतान किये। दीपक तिवारी ने इस संबंध में मीडिया कर्मियों के सामने बैंक के दस्तावेज भी पेश किए। वर्ष 2021 में भी झालावाड़ अस्पताल की सिक्योरिटी गार्ड का ठेका दीपक तिवारी की एजेंसी के पास ही था।
सब कुछ फर्जी-प्रमोद शर्मा।
उधर कांग्रेस नेता प्रमोद शर्मा ने दीपक तिवारी के साक्ष्य व दस्तावेजों को पूरा फर्जी बताकर इस पूरे मामले में जांच की मांग की है। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार हम नहीं दीपक व उनकी एजेंसी कर रही थी। हमने तो भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाकर पिछले दिनों इस एजेंसी का टेंडर निरस्त करवाया था। तब से इन लोगों को इसी बात की खुन्नस है और इसीलिए यह लोग अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। अगर आरोपो को कोई साबित कर दें तो में राजनीतिक जीवन से संन्यास ले लूंगा।

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