कोटा-हंसपाल यादव।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा मंगलवार से हाड़ौती संभाग के दौरे पर हैं। वे कोटा की बाहरी सीमा से ही सीधे झालावाड़ के लिए निकल गए। ऐसे में कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे 27 और 52 अलग-अलग जगह पर उनका स्वागत किया। युवक कांग्रेस के कोटा-बूंदी लोकसभा पूर्व अध्यक्ष भानूप्रताप सिंह ने के नेतृत्व में अंनतपुरा में भरूव स्वागत किया गया। भानूप्रताप ने डोटासरा के स्वागत में 31 स्वागत द्वार लगाए और फूल मालाओं से उनका स्वागत किया।पीसीसी की प्रदेश सचिव राखी गौतम ने कार्यकर्ताओं संग हैंगिंग ब्रिज के नजदीक स्वागत किया। इसके बाद झालावाड़ रोड पर कोटा शहर अध्यक्ष रविंद्र त्यागी के नेतृत्व में डोटासरा स्वागत में भाग लेने निकल पड़े। इस दौरान नेशनल हाईवे 27 के बाईपास पर ही भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सडक़ पर आ उन्हें काले झंडे दिखाए। काले झंडे भाजयुमो जिला अध्यक्ष सुदर्शन गौतम और महामंत्री नरेंद्र मेघवाल के नेतृत्व में दिखाए गए।
हाईवे पर ही मौजूद भाजयुमो नेताओं को तुरंत डोटासरा के साथ काफिले में चल रही पुलिस की गाडि़य़ों ने हिरासत में ले लिया। दोनों को पुलिस अपनी जीप में पटक कर रवाना किया। अन्य कार्यकर्ताओं को हाईवे से खदेड़ते हुए नीचे भेज दिया।
डोटासरा आए सकते में।
अचानक हुए इस घटनाक्रम से पुलिस और खुद प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी सकते में आ गए। गोविंद सिंह डोटासरा के दौरे को देखते हुए पुलिस ने भी पुख्ता इंतजाम पूरे हाईवे पर किए हैं। लगातार पुलिस हाईवे पर मॉनिटरिंग करते रही। पुलिस को आशंका नहीं थी कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता कोटा में काले झंडे डोटासरा को दिखा पाएंंगे। बीते दिनों धारीवाल जब आए थे, तब तालेड़ा में कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस उन्हें पहले ही दूर ले गई थी। इसके बाद डोटासरा को प्रदेश भर में कई जगह पर विरोध झेलना पड़ा। कोटा में ऐसा नहीं हो, इसके लिए सीआईडी से लेकर पूरा पुलिस तंत्र सक्रिय था। बावजूद इसके भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने कोटा यूनिवर्सिटी के नजदीक से हाईवे पर आकर उन्हें काले झंडे दिखा कर सुरक्षा व्यवस्था को ठेंगा दिखा दिया।
पुलिस के हाथ जोड़ते रहे नरेन्द्र मेघवाल, पुलिस ने नहीं बख्शा।
काले झंडे दिखाने के विरोध में पुलिस ने सुदर्शन गौत्तम और नरेन्द्र मेघवाल को सडक़ पर पटक दिया। इस दौरान मेघवाल पुलिस के हाथ जोड़ते रहे। फिर उन्हें तांगा-टोली कर पुलिस ने जीप में डाल दिया। दूसरी तरफ काला झंडा दिखाने पहुंचे भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहना है वे शांतिपूर्वक काला झंडा दिखाना चाह रहे थे। हम रीट प्रकरण पर गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। लोकतंत्र में विरोध करना स्वाभाविक है, लेकिन पुलिस ने हमें काला झंडा दिखाने के साथ ही खदेड़ दिया। इसके साथ ही हमारे दो नेताओं को गिरफ्तार कर लिया है। हमारे कार्यकर्ताओं पर भी लाठियां भांजी हैं। भाजयुमो कार्यकर्ता ईशु दुबे का कहना है कि बीते दिनों भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया कोटा दौरे पर आए थे, तब उन्हें को भी काले झंडे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिखाया था, लेकिन पुलिस चुपचाप देखती रही थी और अभी हमारे ऊपर लाठियां चलाई गई हैं। यह पूरी तरह से गलत हैं।

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