श्रीगंगानगर-राकेश मितवा।
श्रीगंगानगर में भी अब 2023 तक रेलवे के डीजल चलित इंजन इतिहास के पन्नों में दर्ज़ हो जायेंगे और श्रीगंगानगर क्षेत्र सहित उत्तर पश्चिम रेलवे में सभी जगह इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ती नज़र आयेंगी। इस क्रम में सर्वप्रथम श्रीगंगानगर -हनुमानगढ़ सेक्शन पर विधुतीकरण करने की तैयारियां चल रही हैं। इसके बाद श्रीगंगानगर-सरुपसर,सरुपसर-सूरतगढ़ व सरुपसर-अनूपगढ़ सेक्शन को विधुतीकृत किये जाने की तैयारी हैं।
इसके लिये बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक पोल की बड़ी खेप बनवाली पहुंच गयी हैं। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी कैप्टन शशि किरण ने बताया कि महाप्रबन्धक विजय शर्मा के कुशल दिशा-निर्देशन में रेल विद्युतीकरण के कार्य तीव्र गति से किये जा रहे है।हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर, सरुपसर-सूरतगढ़, अनूपगढ़ रेलखंड पर विधुतीकरण के लिये जरूरी फाउंडेशन का कार्य हो रहा है।
रेल विद्युतीकरण के लाभ।
उन्होने बताया कि डीजल इंजन के धुएं से होने वाले प्रदुषण से मुक्ति, विद्युत इंजनों की लोड क्षमता अधिक होने के कारण अधिक भार वहन, अधिक ट्रेनों का संचालन संभव, ईंधन आयात पर निर्भरता में कमी, इलेक्ट्रीक गाडियों की परम्परागत गाडियों से औसत गति अधिक होती है। डीजल की अपेक्षा बिजली की लागत कम होने से राजस्व की बचत।जून तक इंजन ट्रॉयल करवाने के प्रयास। उन्होने बताया कि विधुतीकरण का कार्य करने वाली कम्पनी इरकॉन के अधिकारियों का प्रयास हैं कि श्रीगंगानगर -हनुमानगढ़ रेलखंड पर इसी वर्ष जून तक कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी का निरीक्षण करवाकर इलेक्ट्रिक इंजन का स्पीड टॉयल करवा दिया जाये।

0 टिप्पणियाँ