जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान में 23 फरवरी को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य का बजट पेश करेंगे। इससे पहले भाजपा ने सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने प्रदेश सरकार की पूर्व बजट घोषणाओं का हवाला देते हुए जमकर आरोप लगाये है। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार के पूर्व में लिए गए बजट के 7 संकल्प पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। वहीं, पूनिया ने यह भी कहा कि भाजपा ने बिजली के मामले में प्रदेश सरकार को सदन में घेरने की तैयारी कर ली है। प्रदेश भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों से मुताबिक होते हुए पूनिया ने कहा पहले कांग्रेस ने अपने जन घोषणा पत्र में जो वादे किए गए थे, उसे 70 फीसदी तक पूरा करने के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन धरातल पर यह दावा पूरी तरह गलत है। पूनिया ने कहा कि इस बार भी बजट लोक लुभावना और घोषणाओं से भरपूर होगा, इसमें मुख्यमंत्री सदन में 2 घंटे तक बजट भाषण देंगे। 8 बार पानी पिएंगे और विपक्ष को कोसने का काम करेंगे। लेकिन बजट निकलेगा ढाक के तीन पात। प्रेस वार्ता के दौरान पूनिया ने गहलोत सरकार के बजट में किए गए पूर्व के साथ संकल्पों को भी गिनाया और वर्तमान में उसकी स्थिति का उल्लेख भी किया। पूनिया ने कहा कि गहलोत सरकार ने अपने पुराने बजट में निरोगी राजस्थान, खुशहाल और संपन्न किसान, महिला बाल कल्याण, युवाओं को रोजगार, शिक्षा का बेहतर प्रबंध सहित सात संकल्प लिए थे। लेकिन राजस्थान में ना तो स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हो पाईं, न किसानों को कर्जे से मुक्ति मिल पाई। युवा आज भी रोजगार को तरस रहा है। बेरोजगार भत्ते का वादा अब तक अधूरा ही है। इसी तरह महिला और बाल कल्याण का संकल्प, इसलिए अधूरा है क्योंकि राजस्थान में सर्वाधिक महिला उत्पीड़न और अपराध के मामले सामने आ रहे हैं, जिसे रोकने में प्रदेश सरकार नाकाम साबित हुई है। पूनिया ने कहा कि प्रदेश में पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और खेती पर फोकस करते हुए बजट आना चाहिए। साथ ही राजस्थान सरकार पर्यटन को उद्योग का दर्जा दे। इसकी भी घोषणा बजट में करनी चाहिए। पूनिया ने महाराष्ट्र की तर्ज पर पत्रकारों की सुरक्षा और कानून बनाए जाने की मांग भी की है। उन्होंने मौजूदा बजट में पेट्रोल और डीजल पर वेट कम कर सीमावर्ती जिलों के बंद हो रहे पेट्रोल पंपों को बचाया जाने का सुझाव दिया। वहीं, मसाला बोर्ड के गठन और नई खेल व खनिज नीति आदि की भी मांग की।