कोटा से हंसपाल यादव।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कोटा देहात की टीम ने सुल्तानपुर पंचायत समिति में बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने सुल्तानपुर पंचायत समिति के सहायक अभियंता विश्राम मीना को 50 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपियों ने परिवादी ठेकेदार से इंटरलॉकिंग के काम को बंद करवा दिया था। निर्माण सामग्री को पास करने की एवज में 1 लाख की डिमांड की थी। जिसके बाद टीम ने आज सहायक अभियंता के सरकारी आवास पर 50 हजार की रिश्वत लेते दबोचा। विश्राम मीना के पास वर्तमान में कार्यवाहक विकास अधिकारी (बीडीओ) का चार्ज भी है भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की कार्रवाई से पंचायत समिति में हड़कम्प मच गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एएसपी प्रेरणा शेखावत ने बताया कि 2 फरवरी को परिवादी हरविंदर सिंह ने शिकायत दी थी जिसमें बताया था कि उसकी व उसके मुंशी ओमप्रकाश की फर्म शिवम एंटरप्राइजेज व वंश इंटरप्राइजेज पंचायत समिति सुल्तानपुर में निर्माण सामग्री सप्लाई का काम कर रही है। ग्राम पंचायत बम्बोरी के गांव ककरावदा में श्मशान के रास्ते पर इंटरलॉकिंग के काम को सहायक अभियंता ने बंद करा दिया। इस मामले मे सहायक अभियंता विश्राम मीना से मिला तो निर्माण सामग्री को पास करने की एवज में एक लाख की रिश्वत मांगी। शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जिसके बाद एसीबी की टीम ने गुरुवार को पंचायत समिति सुल्तानपुर परिसर में स्थित सहायक अभियंता विश्राम मीना के सरकारी आवास पर ट्रेप की कार्रवाई की। परिवादी से 50 हजार की रिश्वत लेते हुए सहायक अभियंता को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। रिश्वत की राशि आरोपी के कोट की दाहिने जेब से बरामद हुई।             
 
निर्माण कार्यों में ईंट-रेत पास करने में भी जबरदस्त खेल।                 
ग्राम पंचायतों में चल रहे निर्माण कार्यों में रेत पास करने में भी जबरदस्त खेल चल रहा है जेटीए हो चाहे ग्राम विकास अधिकारी हो चाहे खंड विकास अधिकारी हो या सहायक अभियंता वह चाहते हैं उसी के यहां से ईटों की रेत की सप्लाई हो नहीं तो अन्य का काम रुकवा देते हैं।