अलवर ब्यूरो रिपोर्ट.
अलवर पुलिस ने फर्जी डिग्री मामले मे बदमाशों को पकड़ा और उनसे 3 लाख की राशि वसूली गई। जब इसका बंटवारा होने लगा तो कई पुलिसकर्मियों को हिस्सा नहीं मिलने पर उच्चाधिकारियों तक शिकायत पहुंच गई। मामले की फाइल को तलब करते हुए तत्काल थानाधिकारी को यहां से हटा दिया, लेकिन इस मामले को उच्च स्तर पर भी दबाया जा रहा है। दरअसल अलवर के एनईबी थाना पुलिस ने शुक्रवार को फर्जी डिग्री-डिप्लोमा दिलाने वाले बिहार के अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों से जब्त अंकतालिका, उत्तरपुस्तिका, मुहर व अन्य दस्तावेजों के आधार पर राजस्थान सहित उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और बिहार के छह निजी विश्वविद्यालयों के नाम सामने आए।पुलिस सूत्रों के माध्यम से यह बात सामने आ रही है कि थाना पुलिस की ओर से इस मामले में आरोपियों से तीन लाख रुपए ले लिए गए। रिश्वत की राशि की बंदरबांट का कई पुलिसकर्मियों को हिस्सा नहीं मिला। जिससे आपस में विद्रोह हो गया और थाने के ही पुलिसकर्मियों ने उच्चाधिकारियों को इस भ्रष्टाचार की शिकायत कर दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने तत्काल मामले की फाइल को तलब करते हुए एनईबी थानाधिकारी का यहां कठूमर तबादला कर दिया। शहर का एनईबी थाना पुलिस निरीक्षक (सीआई) स्तर का थाना है, लेकिन इस मामले के बाद यहां थानाधिकारी के पद पर पदस्थापित पुलिस निरीक्षक स्तर के अधिकारी तत्काल प्रभाव से हटा दिया। इसके बाद यहां एक एएसआई को थाना प्रभारी का चार्ज दे दिया गया है।