बीकानेर ब्यूरो रिपोर्ट।
यूक्रेन पर रूस के हमले ने वहां रह रहे प्रवासियों को भी मुश्किल में डाल दिया है। दोनों देशों में युद्ध के कारण बने हालातों ने यूक्रेन में फंसे बीकानेर के छात्रों के परिजनों की जान सांसत में डाल दी है। वहां रह रहे भारतीय लगातार वतन वापसी का जतन कर रहे हैं। लेकिन यूक्रेन के कई एयरपोर्ट तबाह होने के बाद अब हालात कुछ ज्यादा ही मुश्किल नजर आने लगे हैं।जानकारी के मुताबिक बीकानेर जिले के करीब 100 से ज्यादा मेडिकल स्टूडेंट्स यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए गए हुए हैं। जिनमें बीकानेर की ग्रामीण क्षेत्रों के भी स्टूडेंट्स ज्यादा संख्या में हैं। इसके अलावा बीकानेर संभाग के भी काफी स्टूडेंट्स वहां पढ़ाई कर रहे हैं। यूक्रेन में सबसे ज्यादा दिक्कत वहां खारकीय बॉर्डर एरिया में है। जहां स्थिति कुछ ज्यादा ही विकट है। यूक्रेन में रह रहे मेडिकल स्टूडेंट्स ने वहां के कुछ वीडियो शेयर करते हुए बताया कि अब उनके लिए पल-पल गुजारना बड़ा मुश्किल हो रहा है। रात को उन्हें हॉस्टल के बेसमेंट में और बंकर में रहना पड़ रहा है। लाइट्स का उपयोग बिल्कुल भी नहीं कर सकते हैं। इन स्टूडेंट्स ने बताया कि आसपास के इलाकों में लगातार धमाकों की आवाज सुनाई पड़ रही है और आसमान में फाइटर जेट गरज रहे हैं। वही यूक्रेन में फंसे भारतीय और बीकानेर के मेडिकल स्टूडेंट्स की वतन वापसी को लेकर केंद्रीय मंत्री और बीकानेर सांसद अर्जुन मेघवाल ने केंन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री मुरलीधरन से बातचीत की और दूतावास में उच्च अधिकारियों से बातकर फंसे हुए मेडिकल स्टूडेंट की वतन वापसी को लेकर चर्चा की।बताया जा रहा है कि यूक्रेन बॉर्डर के नजदीक रह रहे छात्रों को दूसरे देशों के जरिए वतन वापसी की राह बनती नजर आ रही है। वहीं बॉर्डर से दूर रह रहे मेडिकल स्टूडेंट्स की वतन वापसी में परेशानी हो सकती है।

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