जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजधानी जयपुर शहर के इंदिरा बाजार में स्थित एक धार्मिक स्थल के टूटने से क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हालांकि, मौके पर पहुंचे पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में करने की कोशिश की है। पुलिस प्रशासन ने धार्मिक स्थल टूटने का कारण पिकअप की टक्कर बताया है। वहीं, स्थानीय पार्षद ने यहां दोबारा धार्मिक स्थल बनाने और पुलिस प्रशासन की ओर से हिरासत में लिए गए धरोहर बचाओ समिति के संयोजक भारत शर्मा को रिहा करने की मांग की है। मौके पर सबसे पहले पहुंचने वाले पंडित बृजकिशोर शर्मा ने बताया कि वे सुबह जब 5:00 बजे आए तो धार्मिक स्थल टूटा हुआ था। इसे लेकर पुलिस प्रशासन को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर आकर तफ्तीश की और सिंहद्वार पर काम कर रहे मजदूरों से मिली जानकारी के बाद पुलिस के गश्ती दल ने एक पिकअप चालक को गिरफ्तार किया। साथ ही पुलिस पिकअप को जब्त कर थाने ले आई। पंडित बृजकिशोर ने आशंका जताई कि सुबह खाली रोड पर पिकअप बैक लेते समय किसी तरह से धार्मिक स्थल टूट सकता है। क्षेत्रीय पार्षद गिर्राज नाटा ने बताया कि सुबह 8:00 बजे धार्मिक स्थल टूटने की जानकारी मिली और मामले पर विरोध करने वाले धरोहर बचाओ समिति के संरक्षक भारत शर्मा को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना जांच किए, बिना सीसीटीवी फुटेज देखे बताया जा रहा है कि पिकअप से धार्मिक स्थल टूट गया। पुलिस प्रशासन ऐसे लोगों को हिरासत में ले रहा है जो मामले की गंभीरता समझते हुए मौके पर पहुंचे। ऐसे में तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। उन्होंने धार्मिक स्थल को ठीक करने और भरत शर्मा को रिहा करने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि यहां रात को स्मार्ट सिटी और एयरटेल का काम चल रहा था। उसके लेबर लेने के लिए पिकअप ड्राइवर आया था। उसने गाड़ी को बैक लेते समय ध्यान नहीं रखा, जिससे दीवार पर ठोकर लगी और दीवार गिर गई। मौके पर पहुंची गश्ती दल ने पिकअप और पिकअप चालक को हिरासत में ले लिया है। उन्होंने कहा कि पिकअप चालक खुद स्वीकार कर रहा है और फिर भी मामले की पूरी जांच की जा रही है। विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके पर पहुंचे क्षेत्रीय विधायक अमीन कागजी ने कहा कि धार्मिक स्थल का निर्माण दोबारा होगा क्योंकि यहां पुराना धार्मिक स्थल था। पुलिस प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि आसपास के फुटेज को खंगाला जाए। यदि किसी ने जानबूझकर ऐसा किया है तो उसे सख्त से सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मानवीय भूल तो अलग विषय है, लेकिन यदि जानबूझकर के इस तरह की घटना की जाएगी तो उस पर प्रशासन सख्ती से पेश आएगा। फिलहाल, स्थानीय लोगों की मदद से ही धार्मिक स्थल का मलबा हटाया गया है। पुलिस प्रशासन क्षेत्रीय दुकानों पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रही है।