उदयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा सोमवार को उदयपुर कलेक्ट्रेट पर विभिन्न मांगों को लेकर धरना पर बैठ गए हैं। इस दौरान सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कलेक्टर ताराचंद मीणा से मुलाकात भी की। उन्होंने कलेक्टर से कहा कि आदिवासी अंचल से लड़कियों को जबरन शादी के लिए गुजरात ले जाया जाता है। गहलोत सरकार को इसके बारे में कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मीणा ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री गहलोत को इस पूरे मामले को लेकर अवगत कराया था लेकिन सक्रिय गिरोह पर अभी तक कोई लगाम नहीं लग पाई है। ऐसे में भारी संख्या में बच्चियों की जिंदगी बर्बाद हो रही है। मामलों में सरकारी प्रावधान के अनुसार सहायता भी नहीं मिलती है। मीणा ने कहा कि थानागाजी केस के तर्ज पर उदयपुर के आदिवासी बालिकाओं गांव को मदद नहीं मिलने की स्थिति मैं आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग करते हुए कलेक्टर की ओर से कार्रवाई का भरोसा नहीं मिलने तक कलेक्ट्रेट में ही बैठने का निर्णय लिया है। सांसद किरोडीलाल ने बताया कि सरकार के अधिकारियों के पास आदिवासी बालिकाओं के अपहरण के आंकड़े हैं क्योंकि लगातार गुजरात में भारी संख्या में बालिकाओं अपहरण करके गुजरात लेकर जाया जा रहा है। 1186 युवतियां मजदूरी के लिए गुजरात गई थी, जिन को बंधक बनाकर रखा गया है लेकिन पुलिस प्रशासन ने इसको लेकर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।वहीं SC-ST एक्ट में 5 लाख रुपए देने का प्रावधान है, जो किसे-किसे दिया गया, इसको लेकर सरकार अवगत कराएं। जिनके बच्चे हो गए हैं। उनको 50 लाख रुपए देने चाहिए. वही गैंगरेप पीड़िताओं को 10 लाख रुपए और मकान इसके साथ ही सरकारी नौकरी देने का जब तक आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरने पर बैठे रहेंगे।

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