जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट। 

सोमवार को जयपुर के नजदीक स्थित ग्राम जाटावाली में उस वक़्त दहशत फ़ैल गई जब तीन-चार गाड़ियों में कुछ लोग सवार होकर जयपुर के व्यवसाई मुख्तयार सिंह के फार्म हाउस पर पहुंचे और कंटीली तारबंदी को ऊपर उठाकर अनधिकृत तरीके से फार्म हाउस में घुस गए। जब फार्म हाउस पर तैनात सुरक्षा गार्ड प्रवीण कुमार ने इन लोगों का विरोध किया तो उसे धमकाया गया तथा जान से मरने की धमकी दी गई। इन लोगों का नेतृत्व हैट लगाए और काला कोट पहने एक व्यक्ति और नीले रंग का लम्बा कोट पहने एक महिला कर रहे थे। हैट लगाए व्यक्ति के निर्देश पर उसके साथ आए दबंगों ने फार्म हाउस के कमरों के ताले तोड़ कर कमरों की जमा तलाशी ली। इसके बाद हैट लगाए व्यक्ति ने गार्ड प्रवीण कुमार से फार्म हाउस मालिक मुख्त्यार सिंह और फार्म हाउस में रखे हुए जेवरात के बारे में पूछताछ की।  

पूर्व पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह (हैट लगाए हुए), पुलिस कांस्टेबल और पीछे पूर्व कांग्रेस विधायक डॉ. परम नवदीप सिंह फार्म हाउस के मुख्य द्वार पर। 

पूर्व पुलिस महानिदेशक नवदीप सिंह (हैट लगाए हुए), पुलिस कांस्टेबल और भाड़े के गुंडों की गैंग फार्म हाउस में जबरन घुसते हुए।

हैट लगाए बदमाशों की गैंग का नेतृत्व करता यह व्यक्ति और कोई नहीं बल्कि राजस्थान पुलिस का पूर्व महानिदेशक नवदीप सिंह था और उसके साथ नीला कोट पहने महिला नवदीप सिंह की पत्नी पूर्व कांग्रेस विधायक डॉ. परम नवदीप सिंह थी। दरअसल ये लोग बदमाशों के साथ जिस मुख्त्यार सिंह के फार्म हाउस पर कब्ज़ा करने की नियत से पहुंचे थे वह डॉ. परम नवदीप सिंह का सगा भाई है।  अपने साले की संपत्ति पर नवदीप सिंह की नीयत काफी समय से ख़राब थी और वो येन केन इसे हथियाना चाहता था।  अपनी इसी इच्छा को पूरा करने के लिए नवदीप सिंह सोमवार को गुंडों के साथ पुलिस थाना सामोद क्षेत्र में स्थित फार्म हाउस पर पहुंचा था।  स्पष्ट है उसे अपनी ऊँची पहुँच पर इतना यकीन था कि उसने ना केवल मुख्त्यार सिंह के फार्म हाउस में जबरन दाखिला लिया बल्कि गार्ड को क़त्ल करने की धमकी भी दी।   

                         एक बदमाश अपने साथी को सीसीटीवी कैमरे को ढकने के लिए कहते हुए। 

                                     चादर से ढके जाने से पहले सीसीटीवी कैमरे का आखिरी शॉट। 

उल्लेखनीय है कि नवदीप सिंह अपने पुलिस सेवा काल में भी विवादों में रहें हैं और यहाँ तक कि तत्कालीन गृह मंत्री शांति धारीवाल ने विधान सभा में नवदीप सिंह की दबंगई का ज़िक्र किया था। बहरहाल पूरी तरह डकैती का मामला होने के बावजूद ना जाने किसके दबाव में सामोद पुलिस ने सिर्फ जबरन घर में घुसने का केस दर्ज किया है।  सूत्र बतातें हैं कि इस पूरे मामले में शामिल अन्य बदमाशों को हरियाणा से बुलवाया गया था।  यह बात विशेष चिंताजनक है कि हरियाणा के जो बदमाश अब तक सिर्फ शेखावाटी और बहरोड़ तक सीमित थे वे अब राजधानी जयपुर की दहलीज तक आ पहुंचे हैं।  बहरोड़ पुलिस थाने पर हुए हमले और पपला गुर्जर को छुड़ा कर ले जाने से हुई किरकिरी को शायद जयपुर पुलिस भूल गई है।  

राजकाज का मानना है कि ऐसे मामलों में सख्ती से कार्यवाही करते हुए तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी कर बदमाशों की गलतफहमी दूर की जानी चाहिए वर्ना वो दिन दूर नहीं जब हरियाणा और यूपी के बदमाश खुलकर राजस्थान की सुपारियां उठाने लगेंगे।  

चूँकि यह मामला पूर्व पुलिस महानिदेशक और पूर्व कांग्रेस विधायक से सम्बंधित है इसलिए मुख्यमंत्री गहलोत को खुद इस मामले में दखल देकर न्याय सुनिश्चित करना होगा।

योजनाबद्द तरीके से दिया आपराधिक वारदात को अंजाम।

पूरी वारदात का सीसीटीवी फुटेज देखने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि इस वारदात को अंजाम देने में अपने पुलिस सेवा काल के अनुभव को पूरा काम में लिया।  फुटेज में साफ़ दीखता है कि कैसे पहले नवदीप सिंह के नेतृत्व में 10 - 12 बदमाश आतें हैं और फिर दूसरी गाडी में फिओर बड़ी संख्या में बदमाश फार्म हाउस पहुँचते हैं।  फुटेज में दिखाई पड़ता है कि कैसे बदमश पहले फार्म हाउस में जबरन घुसते हैं और फिर गार्ड प्रवीण कुमार द्वारा रोके जाने पर जबरन फार्म हाउस में दाखिल होतें हैं। शातिर नवदीप सिंह के कहने पर वे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ने का प्रयास करते हैं और  विफल रहतें हैं तो उन्हें ढक देते हैं। वारदात का पूरा तरीका , ताले तोड़ कर जेवरात ढूंढने का प्रयास और अन्य सभी हरकतें इसे एक डकैती का केस बनाती हैं लेकिन सामोद पुलिस इसे सिर्फ ट्रेसपासिंग मान रही है। बहरहाल  मीडिया फुटेज देखने के बाद और यह सब पब्लिक डोमेन में आने के बाद पुलिस के लिए इस मामले में लीपा पोती करना आसान नहीं होगा।