चित्तौड़गढ़ गोपाल चतुर्वेदी।
प्रदेश की सरकार लगातार इस बात का प्रयास कर रही है कि कोरोना गाइडलाइन की पूरी तरह पालना की जाए खासतौर पर नए वेरिएंट के तेजी से फैलने की आशंका को लेकर गाइडलाइन की गंभीरता से पालना करने के आदेश लगातार जारी किए जा रहे हैं। इन सबके बीच विद्यालयों में लापरवाही चरम पर है वही मदरसों में भी बच्चों के मास्क लगाए जाने को लेकर कोई गंभीरता नहीं बरती जा रही है। 
हालात यह है कि बच्चे तो बच्चे अध्यापक भी गाइडलाइन की पालना से दूरी बनाए हुए हैं। लगातार इस प्रकार की तस्वीरें सामने आ रही है। वही दूसरी ओर जिम्मेदारों का जवाब सुनने को मिल रहा है कि अब गाइडलाइन की पालना की जाएगी। वहीं मदरसों के जिम्मेदार अधिकारी भी कार्यवाही की बात कह रहे हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर गाइडलाइन की पालना कब होगी और कैसे की जाएगी। क्योंकि प्रदेश में लगातार संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं ऐसे में लापरवाही गंभीर साबित हो सकती है। इसके बावजूद अब बाल ना किए जाने का जवाब ऐसे हालातों में समझ से परे है। साफ है कि यदि मासूमों के लिए गाइडलाइन की पालना सुनिश्चित नहीं की जाती है तो एक बार फिर सरकार को स्कूल बंद करने होंगे क्योंकि जान है तो जहान है।