उदयपुर से भगवान प्रजापत।
बहुचर्चित राहुल मखीजा अपहरण मामले में सोमवार को उदयपुर पुलिस को बडी सफलता मिली। डीएसटी सहित अन्य थानाधिकारियों की ​बनी विशेष टीम राहुल मखीजा को इंदौर से सोमवार सही सलामत उदयपुर ले आयी। पुलिस ने इस मामले में पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया हैं साथ ही दो कारों को जब्त किया हैं। शहर के अम्बामाता थाने 80 लाख रूपए की फिरौती का मामला दर्ज होने के बाद जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएसटी सहित 6 थानों के थानाधिकारियों की विशेष टीम का गठन किया।
 टीम ने चार दिन में इस मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य सरगना अनुराग को मध्यप्रदेश में मूवमेंट करते गिरफ्तार किया। इसके अलावा अन्य चार आरोपी विपुल, माधव, मोहित और संतोष यादव को गिरफ्तार किया हैं। विपुल मध्यप्रदेश का रहने वाला है लेकिन वर्तमान में वह गुजरात के सूरत जिले में रह रहा था। इसके अलावा चारो अभियुक्त मध्यप्रदेश में ही रहे थे। आईजी हिंगलाजदान ने बताया कि राहुल मखीजा को इंदौर में एक मकान में बधंक बनाकर रखा हुआ था वहां से उसे छुडवाया गया। जिला पुलिस अधीक्षक मनोज चौधरी ने बताया कि अपहरण के बाद अभियुक्तों ने राहुल मखीजा की गाड़ी को शहर के नवरत्न इलाके में नाले में डाल दी। इससे पहले राहुल मखीजा के अपहरण के दौरान उसके आंखो में मिर्ची डाल दी ताकि वह भागने की कोशिश नही कर सके। अपहरण के बाद उसे दूसरी गाड़ी में अन्य स्थान पर ले गए और वहां से 80 लाख रूपए की फिरौती की मांग की लेकिन पुलिस की हलचल बढ़ती देख राहुल मखीजा के हाथ पैर बांधकर कार में डालकर नीमच ले गए, जहां पर एक दिन रखा और उसके बाद इंदौर ले गए जहां पर एयरपोर्ट के समीप एक खाली मकान में बंधकर बनाकर रखा। उसे कुछ दिखाई नही दे और किसी को आवाज नही दे सकें इसके लिए उसके आंखो और मुंह पर टेप लगा दी। पुलिस की टीम ने राहुल मखीजा को वहां से छुडवाकर सबसे पहले पांच अभियुक्तों को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस राहुल मखीजा को उदयपुर लेकर पहुंची। मखीजा को सबसे पहले घर ले जाया गया। इसके बाद मेडिकल करवाया गया ताकि मारपीट के बारे में पता चल सकें। पुलिस ने पांचो अभियुक्तों को गिरफ्तार अनुसंधान शरू कर दिया है।