चित्तौड़गढ़ गोपाल चतुर्वेदी।
चित्तौड़गढ़ जिला मुख्यालय पर संचालित हो रही कृषि उपज मंडी में अब शीघ्र ही किसान और व्यापारी वर्ग को कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए कृषि उपज मंडी में 30 हजार स्क्वायर फीट जमीन आवंटित कर दी गई है। वहीं कोल्ड स्टोरेज के निर्माण में करीब 10 करोड रुपए की लागत आने की संभावना है।भारत सरकार की वीजीएफ योजना अंतर्गत जिला मुख्यालय पर संचालित हो रही कृषि उपज मंडी परिसर में शीघ्र ही चित्तौड़गढ़ के किसानों और व्यापारी वर्ग को अपनी उपज को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मिल सकेगी। इसके लिए कृषि उपज मंडी परिसर में मंडी प्रशासन की ओर से 30 हजार स्क्वायर फीट जमीन का आवंटन कर दिया गया है। इसकी जानकारी देते हुए कृषि उपज मंडी के सचिव संतोष कुमार मोदी ने बताया कि चित्तौड़गढ़ में भारत सरकार की ओर से वी जी एफ योजना के अंतर्गत करीब 30 हजार स्क्वायर फीट में कोल्ड स्टोरेज बनाने की स्वीकृति मिली है। जिसके लिए कृषि उपज मंडी में जमीन का आवंटन कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस कोल्ड स्टोरेज का निर्माण पीपीपी मोड पर करवाया जाएगा और इसके बनने से किसान और व्यापारी वर्ग को अपनी उपज रखने में मदद मिलेगी। वही इसके बारे में अधिक जानकारी देते हुए स्कूल नेट इंडिया के प्रतिनिधि राहुल ओदिच्य ने बताया कि मंडी परिसर में कोल्ड स्टोरेज के लिए 30 हजार स्क्वायर फीट जमीन का आवंटन किया गया है। जिस पर भारत सरकार की वीजीएफ योजना अंतर्गत पीपीपी मोड पर कोल्ड स्टोरेज का निर्माण किया जाएगा । उन्होंने बताया कि 3 से 4 हजार टन क्षमता वाले कोल्ड स्टोरेज प्लांट के निर्माण पर 8 से 10 करोड़ रुपयों की लागत आएगी l उन्होंने बताया कि कोल्ड स्टोरेज प्लांट बनने से व्यापारी वर्ग के साथ किसान वर्ग को भी काफी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि आज जयपुर से आई सर्वें टीम ने आवंटित की गई जमीन का सर्वे का कार्य किया है और इसकी रिपोर्ट बनाकर आगे की कार्यवाही के लिए सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि शीघ्र ही इस कोल्ड स्टोरेज प्लांट का निर्माण संबंधी प्रक्रिया शुरू होगी l

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