भरतपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
भरतपुर जिले के डीग थाना क्षेत्र मे एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहा एक कलयुगी बेटे ने बीमा क्लेम के रुपयों की लालच में दो साथियों के साथ मिलकर पिता की हत्या कर दी। आरोपी बेटे ने कुछ माह पूर्व ही अपने पिता का 40 लाख रुपये का एक्सीडेंटल बीमा कराया था।आरोपी बेटे ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर पिता के सिर पर हथौड़े से वार करके बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी बेटे और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।जानकारी के अनुसार सदर डीग क्षेत्र के गांव नगला भदई निवासी मौहकम सिंह अपने बेटे राजेश के साथ फरीदाबाद में रहता था। आरोपी बेटे राजेश के मन में अपने पिता का एक्सीडेंटल बीमा कराकर और उनकी हत्या करके क्लेम उठाने का लालच आया। इसके लिए राजेश ने करीब तीन-चार माह पूर्व अपने पिता के नाम से दो-तीन अलग-अलग बैंकों में 40 लाख रुपये का एक्सीडेंटल बीमा कराया। उसके बाद आरोपी बेटे राजेश ने उत्तर प्रदेश के वृंदावन निवासी कान्हा पुत्र अमर सिंह और डीग की सहारई कॉलोनी निवासी बिजेंद्र पुत्र पूरन को पिता की हत्या की सुपारी दी। 24 दिसंबर को राजेश अपने पिता को लेकर उत्तर प्रदेश के कोसी पहुंचा। यहां कान्हा मिला, जिसके साथ पिता-पुत्र ने शराब पी और नाश्ता किया। यहां पर आरोपियों ने मौहकम सिंह की हत्या करने के लिए 500 रुपये में हथौड़ा खरीदा। यहां से तीनों लोग बाइक पर सवार होकर गोवर्धन पहुंचे जहां पर बिजेंद्र मिला। चारों लोग दो मोटरसाइकिल पर सवार होकर दिदावली पुलिया के पास पहुंचे। यहां पर तीनों लोगों ने मिलकर मौहकम सिंह के सिर पर हथौड़े से वार करके बेरहमी से हत्या कर शव सड़क किनारे डाल दिया, ताकि दुर्घटना के जैसा घटनाक्रम लगे। वारदात को अंजाम देकर तीनों आरोपी डीग के लिए रवाना हो गए, लेकिन यहां पर 24 दिसंबर की रात करीब 9 बजे यह तीनों लोग संदिग्ध हालत में लक्ष्मण मंदिर के पास दुकान की आड़ में खड़े हुए थे, जिन पर पुलिस की नजर पड़ गई और पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक बड़ा हथौड़ा और दो मास्टर की बरामद की है। रात को पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की, लेकिन उन्होंने कोई जुर्म कुबूल नहीं किया। उधर 25 दिसंबर की सुबह 5.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली कि पुलिया के पास एक व्यक्ति मृत पाया गया है, जिसके कागजातों से उसकी पहचान मौहकम सिंह के रूप में की गई है। साथ ही मृतक के पोस्टमार्टम कराने पर सिर पर चोट के निशान पाए गए, लेकिन पूरे शरीर पर कहीं भी खून के निशान नहीं मिले। इससे मामला संदिग्ध बन गया। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों से गहनता से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने बीमा क्लेम के रुपये की लालच में हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।