हनुमानगढ़ विश्वास कुमार।
हनुमानगढ़ जिले की खुईयां पुलिस एक अजीब मामले में फंस गई है। जिसके बाद पुलिस दिन-रात गधों को तलाशने में जुटी हुई है। दरअसल खुईयां थाना क्षेत्र से पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग 70 गधे चोरी हो गये। जिसकी शिकायत गधा मालिकों ने पुलिस को दी मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो कल माकपा कार्यकर्ताओं और गधा मालिकों ने खुईयां थाना पर धरना दे दिया।
 जिसके बाद एक्टिव हुई खुईयां पुलिस ने आनन-फानन में 15 गधों को पकड़ा और थाना लेकर आई। मगर यहां समस्या तब और बढ़ गई जब गधा मालिकों ने यह कहकर मना कर दिया कि ये उनके गधे नहीं हैं। अब परेशान पुलिस गधा मालिकों को मना रही है कि वे ये गधे ले जायें मगर अब गधा मालिक अपने गधे ही लेने पर अड़े हुए हैं ऐसे में पुलिस गधों की तलाश में जुटी हुई है।

गधों के भी हैं नाम।
दरअसल पुलिस जैसे ही 15 गधों को लेकर थाना पहुंची और गधा मालिकों को अपने-अपने गधे ले जाने को कहा तो गधा मालिकों ने गधों को चिंटू, पिंटू, कालू आदि नामों से पुकारना शुरू कर दिया और जब किसी भी गधे ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी तो गधा मालिक बोले कि ये हमारे गधे नहीं हैं इनको जहां से लेकर आये हो वहीं छोड़ आओ। गधा मालिकों द्वारा गधों को नाम से पुकारते देख पुलिस भी हैरान रह गई और बाद में पता चला कि गधा मालिकों ने गधों के नाम भी रख रखे हैं। ऐसे में अब पुलिस द्वारा 15 गधे ढूंढने और उनको थाना लाने की मशक्कत तो बेकार गई ही साथ ही यह भी परेशानी खड़ी हो गई कि अगर नये सिरे से गधे ढूंढकर लाये भी और गधा मालिकों ने फिर चिंटू, पिंटू आदि नाम पुकारे और जबाव दिया कि ये उनके गधे नहीं हैं तो फिर क्या किया जायेगा।

आजीविका का साधन है गधे।
गधा मालिकों का कहना है कि गधे उनकी आजीविका का साधन हैं। उनका कहना है कि एक गधे की कीमत करीब 20 हजार रूपये है और इस तरह चोरी हुए 70 गधों की कीमत करीब 14 लाख रूपये है। गधा मालिकों का कहना है कि गधा बोझा उठाने का काम करते हैं और गधे चोरी होने के बाद उनकी आजीविका का साधन समाप्त हो गया है ऐसे में पुलिस जल्द ही उनके अपने गधे ही उनको बरामद करके दे क्योंकि उनके अपने गधे उनकी बात को समझते हैं और दूसरे गधों से उनके लिए काम करवाना मुश्किल है।

पुलिस ने बनाई टीमें।
इस मामले में खुईयां पुलिस ने टीमें बनाई हैं जो गांव-गांव गधे ढूंढती फिर रही है वहीं पुलिस का कहना है कि ना तो मुल्जिम मिल रहा है और ना ही असली और वांछित गधे मिल रहे हैं।

परेशानी में पुलिस।
अब खुईयां पुलिस परेशान है। एक तरफ तो मंगलवार को माकपा कार्यकर्ताओं और गधा मालिकों ने धरना दिया तो आनन-फानन में बरामद गधे गधा मालिकों के नहीं निकले। वहीं जल्द ही गधे बरामद नहीं होने पर गधा मालिकों और माकपा कार्यकर्ताओं ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है। वहीं पुलिस सारा काम छोड़कर गधे ढूंढकर लाये भी तो क्या गारंटी है कि गधे मालिक फिर से उनको चिंटू, पिंटू पुकारेंगे और गधे प्रतिक्रिया देंगे ही। ऐसे में खुईयां पुलिस के लिए यह मामला परेशानी का सबब बन गया है और वहीं आमजन इस मामले की चटखारे लेकर चर्चाएं कर रहा है।