जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
कोरोना संक्रमण के नए वेरिएंट को लेकर केंद्र सरकार से मिले निर्देशों के बाद अब राज्य सरकार इसको लेकर गंभीर हो गई है। यही वजह कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को विषय विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्पष्ट कर दिया कि केंद्र सरकार ने जो कोरोना की दूसरी लहर में जो कमी रखी थी, उसे वह नहीं दोहरा रही है। इसको लेकर केंद्र सरकार जिस तरह से गंभीरता दिखा रही है। उसकी गंभीरता को हमें समझना होगा और उसी दिशा में सख्ती के साथ काम करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में ओपन रिव्यू मीटिंग हुई।
 मीटिंग में एक्सपर्ट डॉक्टर्स के साथ वीसी के माध्यम से सीएम ने चर्चा की। जिसमें सीएम गहलोत ने कहा कि अभी देश में टेस्ट सही से नहीं हो रहे। अगर टेस्ट होंगे तो संख्या ज्यादा हो सकती है। ये भी हो सकता है कि कई बिना लक्षण वाले पॉजिटिव मरीज हो। सीएम गहलोत ने कहा कि ऑमीक्रॉन के बारे में चिंता की जरूरत है। अन्य राज्यों में कोरोना की दूसरी डोज नहीं लगाने पर सख्ती की जा रही है। पंजाब सरकार ने दूसरी वैक्सीन की दूसरी डोज नहीं लगाने पर भुगतान रोकने का कदम उठाया है। वहीं अन्य राज्यों ने भी सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इससे हमें वैक्सीन डोज की महत्वता को समझना चाहिए। सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार भी चिंता जाहिर कर रही है। अच्छी बात है कि केंद्र सरकार अभी से ही चिंतित है। कोरोना की दूसरी लहर में जो कमी थी, वह इस बार केंद्र सरकार की तरफ से नहीं दिख रही है। केंद्र सरकार आगे बढ़कर गंभीरता दिखा रही है। हमारी भी जिम्मेदारी बनती है कि हम भी उसको समझे और कार्रवाई शुरू करें। सीएम ने गृह विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेट्री अभय कुमार को कहा कि राज्य सरकार को भी इस पर कदम उठाने चाहिए। हम किस तरह की सख्ती कर सकते हैं। इस पर काम करने की जरूरत है। केंद्र सरकार ने जो SOP जारी की है, उसके बाद अब राज्य सरकार को भी उसी के अनुसार आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत है। रिव्यू मीटिंग में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक्सपर्ट डॉक्टर से आने वाले दिनों में क्या कदम उठाए जाएं, इसके सुझाव मांगे।