जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान प्रदेश के ग्रामीणों को एक ही जगह सभी सुविधाएं देने के लिए चल रहा प्रशासन गांवों के संग अभियान ग्राम विकास अधिकारियों की नाराजगी के चलते संकट में पड़ जाएगा। दरअसल सीएम अशोक गहलोत से समझौते के बाद भी मांगे पूरी नहीं होने से नाराज वीडीओ  ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वीडीओ ने अपनी मांगों को लेकर  बुधवार से आंदोलन की शुरूआत कर दी है। आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेश के सभी वीडीओं ने अपनी मांगों को लेकर 33 जिला मुख्यालयों और 352 पंचायत समितियों में ज्ञापन ज्ञापन दिए है।  ज्ञापन में 10 दिसंबर मांगे नहीं पूरी होने पर प्रशासन गांव के संग अभियान के बहिष्कार  की चेतावनी दी है। ग्राम विकास अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा ने बताया कि सीएम गहलोत से समझौता होने के बावजूद मांगे पूरी नहीं होने  पर नाराज वीडीओ ने आंदोलन शुरू करने का निर्णय कर लिया है। आंदोलन के पहले चरण में जिला मुख्यालय और पंचायत मुख्यालय पर वीडीओं द्वारा ज्ञापन दिया गए हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में हमारी प्रमुख  प्रमुख मांगों का जिक्र किया है। प्रमुख मांगे वेतन विसंगति, जिला स्थानांतरण नीति, पदोन्नति पद सृजन, लंबित पदोन्नति शामिल है।उन्होंने पंचायती राज विभाग पर आरोप लगाया है कि 13 दिन से समझौते की फाइल गायब है। यदि फाइल ही गायब हो गई है तो निस्तारण कहा से होगा। सीएम गहलोत इस अभियान को लेकर पूरी तरह गंभीर है और इसको लेकर अधिकारियों को भी निर्देश दिया जा चुके है। ऐसे में यदि कार्य बहिष्कार किया गया तो प्रशासन गांवों के संग अभियान पर बेहद खराब असर पड़ेगा।