टोंक ब्यूरो रिपोर्ट।
राज्य सरकार के मंत्रिमंडल का नए सिरे से गठन के बाद जिला प्रभारी बनाए गए केबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद जयपुर में 12 दिसंबर को केंद्र सरकार के खिलाफ होने वाली रैली की तैयारियों को लेकर टोंक आए। सोमवार को मंत्री साले मोहम्मद का काफिला जैसे ही सर्किट हाउस की ओर आया तो बाहर खड़े पैराटीचर्स, मदरसा पैराटीचर्स, शिक्षाकर्मी अचानक उनकी कार के सामने आ गए। उनके खिलाफ नारेबाजी की। इस तरह से अचानक हुए इस प्रदर्शन को देखकर पुलिस की सांसे फूल गई। मंत्री के आगे आए प्रदर्शनकारियों को पकड़ कर एक ओर करने लगे। इस बीच थोड़ी देर तक हालात बेकाबू से रहे। कम पड़ते पुलिस जाब्ता के आगे प्रदर्शनकारियों हावी हो गए। इस बाद ने सर्किट हाउस में अन्य जगह का पुलिस जाब्ता भी दौड़कर नीचे आया और प्रदर्शनकारियों को पकड़ कर एक ओर किया। करीब दस मिनट की मशक्कत के बाद पुलिस ने मंत्री को सर्किट हाउस पहुंचाया। उसके बाद भी कई प्रदर्शनकारी सर्किट हाउस में चले गए। जहां उन्होंने मंत्री का घेराव किया। इस दौरान कुछ कांग्रेसी नेताओं ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि शांति पूर्वक बात करें। उसके बाद अपनी मांगों को लेकर सीएम के नाम मंत्री साले मोहम्मद को ज्ञापन दिया। मंत्री ने कहा कि ये कार्मिक विश्वास रखें नियमानुसार इनके लिए भी उचित कार्रवाई करेगी। इस दौरान मंत्री सालेह मोहम्मद ने कांग्रेस सर्किट हाउस में कार्यकर्ताओं की बैठक लेते हुए कहा कि जयपुर में होने वाली रैली को लेकर कार्यकर्ता अधिक से अधिक जयपुर आए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसान समेत जन विरोधी है। आखिरकार बिल वापस लेने के साथ ही किसानों की जीत हुई है। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के कारण ही महंगाई बढ़ी हुई है। इसके विरोध में ही जयपुर में विशाल रैली होगी। उसमे प्रदेशभर से लाखों लोग शामिल होंगे। इस दौरान पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण गाता, रामविलास चौधरी, सलीम नकवी आदि मौजूद थे।