जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजस्थान प्रदेश में कोरोना के नए वेरिएंट ओमीक्रोन के बढ़ रहे खतरे के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राजस्थान ने इससे निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वैक्सीन लगाना आवश्यक ही नहीं बल्कि अनिवार्य होना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के ओमिक्रोन वेरिएंट को लेकर हमने जो केंद्र सरकार पर दबाव बनाया, उसका ही असर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार देर रात कोरोना की बूस्टर डोज लगाने का ऐलान किया है। गहलोत ने कहा कि मैंने प्रधानमंत्री से इसकी अपील की थी क्योंकि इंग्लैंड, जर्मनी और अमेरिका सहित कई देशों में तेजी से यह वेरिएंट अपना असर दिखा रहा है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भी यह कह चुके हैं कि कब कोरोना का नया वेरिएंट अपना स्वरूप बदल ले और घातक हो जाए, इसकी ज्यादा संभावना है। उन्होंने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भी जनता का पूरा साथ मिला और कोरोना प्रबंधन अच्छा रहा। अब भी मास्क लगाने और वैक्सीनेशन करवाने सहित तमाम बातों में यदि जनता का सहयोग मिलेगा तो हम राजस्थान को बचा लेंगे। सीएम गहलोत ने उत्तराखंड के हरिद्वार में 17 से 19 दिसंबर को आयोजित एक कार्यक्रम में भड़काऊ और हिंसा के लिए उकसाने वाले भाषण के वायरल वीडियो को लेकर भी सवाल उठाया। गहलोत ने कहा कि इस मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी ना होना शर्मनाक है। प्रधानमंत्री के साथ गृहमंत्री और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री भी इस मुद्दे पर अब तक चुप क्यों बैठे हैं। गहलोत ने कहा इस देश में हिंदू-मुस्लिम, सिख, इसाई सबको साथ मिलकर रहना होगा, लेकिन भड़काऊ भाषण बेहद शर्मनाक हैं।

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