जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अचानक अपने चलते काफिले को रोक ग्रामीण और स्कूली बच्चों के बीच पहुंच गए। इतना ही नहीं सीएम गहलोत ने बच्चों से और ग्रामीणों से सरकार की योजनाओं के बारे में न केवल फीडबैक लिया बल्कि उन्हें उन योजनाओं से जुड़ने के लिए भी कहा। दरअसल सीएम गहलोत ने बाड़ा पदमपुरा से लौटते वक्त अचानक अपने काफिले को रुकवाया और स्कूली बच्चों के बीच पहुंच गए। सीएम गहलोत का बच्चों के बीच रुकने का कोई तय कार्यक्रम नहीं था। लौटते वक्त एक कोचिंग सेंटर के बाहर बैठे स्टूडेंट्स लाइन लगा कर खड़े दिखे तो सीएम ने आगे निकल चुके काफिले को रुकवाया। जिसके बाद उन्होंने बच्चों से मुलाकात कर उनसे शिक्षा को बढावा देने के लिए चलाई जा रही राज्य सरकार की योजनाओं पर चर्चा की। सीएम गहलोत ने कोचिंग सेंटर के बाहर कतार में बैठकर पेपर हल कर रहे बच्चों को देखकर अपना काफिला रुकवाया और उनसे आत्मीयता से बातचीत की।
उन्होंने बच्चों से राज्य सरकार द्वारा खोले जा रहे महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान मौजूद बच्चों के अभिभावकों ने सीएम को बताया कि विद्यार्थी जीवन की शुरूआत में अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाने के कारण कई बार ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे पिछड़ जाते हैं। पहली बार ग्रामीण क्षेत्रों में भी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलने की राज्य सरकार की पहल सराहनीय है। जिसका ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को फायदा मिलेगा।इसके बाद आगे बढ़े गहलोत ने फिर काफिले को रुकवाया और ग्रामीणों को देखकर उनके पास पहुंच गए और सरकारी की योजनाओं पर चर्चा की। गहलोत ने चिरंजीवी योजना के बारे में चर्चा की और उनसे योजना में पंजीकरण करवाने को कहा। उन्होंने ग्रामीणों से मास्क लगाने को भी कहा। साथ ही वैक्सीनेशन में ढिलाई नहीं बरतने का भी आह्वान किया। ग्रामीणों ने सीएम से कहा कि उन्हें चिरंजीवी योजना के बारे में जानकारी है और निशुल्क उपचार होने के कारण क्षेत्र में करीब-करीब सभी लोग इससे जुड़ चुके हैं। ग्रामीणों ने कोरोना के बेहतर प्रबंधन के लिए सीएम की तारीफ भी की।

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