जयपुर ब्यूरो रिपोर्ट।
राजधानी जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देव मंदिर परिसर में नगर निगम का बुलडोजर चला। यहां नगर निगम जयपुर हैरिटेज के प्रर्वतन दस्ते ने कार्रवाई करते हुए मंदिर परिसर में बनी 35 दुकानों को हटा दिया। इनके अलावा छह दुकानों को सील कर दिया। नगर निगम के प्रर्वतन दस्ते के डिप्टी एसपी इस्लाम खान ने बताया वर्ष 2009 में एक सिविल रिट याचिका हाईकोर्ट में दायर की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बैंच ने गोविंद देव मंदिर परिसर में मुख्य प्रवेश द्वार के अंदर व बाहर बनी दुकानों को अवैध माना। इनको अतिक्रमण कर कब्जा मानते हुए हटाने का आदेश वर्ष 2014 में दिया। साथ ही इनको नजदीक ही पुनर्वास करने की बात भी कही। आपको बता दे, कि नगर निगम का प्रर्वतन दस्ता रविवार को भारी पुलिस बल के साथ गोविंद देव मंदिर पहुंचा। वहां जलेब चौक से आने वाले मुख्य प्रवेश द्वार पर बैरिकेड्स व पुलिस तैनात कर आम लोगों की आवाजाही रोक दी। इसके बाद प्रर्वतन दस्ते की टीम ने मंदिर परिसर में बनी दुकानों पर लगे तिरपाल हटाकर खाली करना शुरु कर दिया। इसकी वीडियोग्राफी भी करवाई। दुकान मालिकों के मौजूद नहीं होने पर निगम कर्मचारियों ने प्रत्येक दुकानदार के सामान को प्लास्टिक के कट्टों व तिरपाल में बांधकर उस पर स्याही से नाम अंकित कर दिया। इन कट्टों को ट्रकों में लोड कर भेजना शुरु कर दिया। इस बीच निगम की कार्रवाई की सूचना पर दुकान मालिक भी मंदिर पहुंचे। वहां खुद ही सामान हटाने में जुट गए। इस बीच दुकान मालिकों व उनके साथ आए परिजनों की आंखों से आंसू भी निकलने लगे। प्रवर्तन दस्ते के डीएसपी इस्लाम खान ने बताया कि हटाए गए दुकानदारों को मंदिर के बाहर कुछ दूरी पर ही अलग से कियोस्क आवंटित कर शिफ्ट कर दिया है। इधर गोविन्द देवजी दर्शन करने आए जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी ने कार्रवाई का अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान मंदिर दर्शन करने आए भक्तों ने जलदाय मंत्री डॉ महेश जोशी को धन्यवाद दिया।

0 टिप्पणियाँ