चित्तौड़गढ़ से गोपाल चतुर्वेदी की रिपोर्ट
 चित्तौड़गढ़ l दीपावली के पर्व नजदीक आने साथ ही मावे की मिठाइयों का चलन भी तेजी के साथ बढ़ता जा रहा है l इसी बीच मावे की खपत को बढ़ता हुआ देख इन दिनों मिलावटी दूषित मावे का उपयोग भी मिठाई विक्रेताओं की ओर से धड़ल्ले से किया जा रहा है और इसी पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के दौरान एक क्विंटल दूषित मावा जप्त किया गया और उसे सैंपल लेकर गंभीरी नदी में नष्ट करवाया गया  l

जानकारी के अनुसार पांच दिवसीय दीपावली के पर्व पर इन दिनों मुख्य बाजारों के अलावा गली मोहल्लों में भी मिठाई की सैकड़ों की संख्या में दुकानें संचालित हो रही है और सभी मिठाई विक्रेताओं के यहां पर मिठाइयों की अच्छी-खासी तादाद देखने को मिल रही है l जिसमें प्रमुख तौर पर मावे की बनी मिठाइयों का प्रचलन अधिक देखा जा रहा है जिसमें कई दुकानदार शुद्ध मावे से बनी मिठाइयों की बिक्री गारंटी के साथ कर रहे हैं, वही कई विक्रेता इस शुद्धता की आड़ में भी नकली मावे का इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रहे हैं l जिस पर समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्यवाही भी कर रही है जिसमें मंगलवार देर शाम जिला कलेक्ट्री चौराहे के पास सीएमएचओ कार्यालय के बाहर एक निजी यात्री गाड़ी से स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक क्विंटल दूषित मावा जप्त किया था l जिसका सैंपल लेने के बाद बुधवार को गंभीरी नदी पर बने हजारेश्वर काजवें के पास नष्टिकरण की कार्रवाई की गई l इसकी जानकारी देते हुए स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार सिहाग ने बताया कि मंगलवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के बाहर डूंगरपुर की ओर से आई एक निजी बस से उतरा एक क्विंटल मावा संदिग्ध होने की सूचना मिलने पर जप्त कर सैंपल लिए गए l उन्होंने बताया कि यह मावा मीरा नगर स्थित राधे डेरी के संचालक लेहरु अहिर द्वारा मंगवाया गया था l वहीं उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मावे के सैंपल लेकर मिलावटी पाए जाने पर उसे गंभीरी नदी में नष्ट करवाया गया है l